साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
गुरुग्राम की साइबर थाना साउथ पुलिस की टीम ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी करने वाले साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गुरुग्राम: गुरुग्राम की साइबर थाना साउथ पुलिस की टीम ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी करने वाले साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले गत 12 मार्च 2026 को साइबर थाना साउथ पुलिस को शिकायत मिली थी, जिसमें ज्यादा रिटर्न देने के नाम पर इन्वेस्टमेंट करवा कर इससे करीब तीन करोड़ 50 लाख रुपए की ठगी होने का आरोप था। शिकायत पर थाना साइबर दक्षिण, गुरुग्राम केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

थाना साइबर साउथ की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सुमित निवासी गांव सांघी जिला रोहतक व नरेंद्र कुमार निवासी शिव कॉलोनी जिला हिसार के रूप में हुई। आरोपी सुमित को गत 10 अप्रैल को रोहतक से जबकि आरोपी नरेंद्र को 12 अप्रैल को रोहतक से गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में बताया कि आरोपी सुमित व नरेंद्र दोस्त हैं और आरोपियों ने नरेंद्र के नाम बैंक खाता खुलवाकर वह बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध करवाया था। आरोपियों ने उपलब्ध करवाए गए बैंक खाता में साढ़े तीन करोड़ रुपए की ठगी में से 43 लाख रुपए आए थे। आरोपियों ने यह बैंक खाता साइबर ठगों को ठगी गई राशि में कमीशन पर बेचा था। आरोपी सुमित को चार दिन के पुलिस हिरासत रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत भेजा गया जबकि आरोपी नरेंद्र का दो दिन का पुलिस हिरासत रिमांड लिया गया गुरुग्राम की साइबर थाना साउथ पुलिस की टीम ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर ठगी करने वाले साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले गत 12 मार्च 2026 को साइबर थाना साउथ पुलिस को शिकायत मिली थी, जिसमें ज्यादा रिटर्न देने के नाम पर इन्वेस्टमेंट करवा कर इससे करीब तीन करोड़ 50 लाख रुपए की ठगी होने का आरोप था। शिकायत पर थाना साइबर दक्षिण, गुरुग्राम केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
थाना साइबर साउथ की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान सुमित निवासी गांव सांघी जिला रोहतक व नरेंद्र कुमार निवासी शिव कॉलोनी जिला हिसार के रूप में हुई। आरोपी सुमित को गत 10 अप्रैल को रोहतक से जबकि आरोपी नरेंद्र को 12 अप्रैल को रोहतक से गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में बताया कि आरोपी सुमित व नरेंद्र दोस्त हैं और आरोपियों ने नरेंद्र के नाम बैंक खाता खुलवाकर वह बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध करवाया था। आरोपियों ने उपलब्ध करवाए गए बैंक खाता में साढ़े तीन करोड़ रुपए की ठगी में से 43 लाख रुपए आए थे। आरोपियों ने यह बैंक खाता साइबर ठगों को ठगी गई राशि में कमीशन पर बेचा था। आरोपी सुमित को चार दिन के पुलिस हिरासत रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत भेजा गया जबकि आरोपी नरेंद्र का दो दिन का पुलिस हिरासत रिमांड लिया गया है।




