गुरुग्राम में ओसी का खेल: बिना निर्माण ही जारी हो गई ओसी, सोता रहा प्रशासन
-- जांच में खुलासा, अब कार्रवाई का खाका तैयार कर रहा डीटीपी विभाग -- विभाग नहीं ले रहे जिम्मेदारी, केवल आर्किटेक्ट पर लटकाई तलवार
बृहस्पतिवार को सीएम फ्लाइंग और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की संयुक्त टीम ने सेक्टर-70ए स्थित बीपीटीपी एस्टेयर गार्डन, इम्पीरियल और ग्रीन ओक्स इलाके में बड़े स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया।
गुरुग्राम: साइबर सिटी में बिल्डरों की एक और स्याह सच्चाई सामने आई है। हालांकि इसमें अकेला बिल्डर ही दोषी नहीं है, कहीं ना कहीं प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा गोलमाल नजर आ रहा है। अधूरे प्रोजेक्ट के लिए ही धड़धड़ ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (ओसी) जारी हो रहे हैं। इसका खुलासा प्रशासनिक जांच में हुआ है।भले ही इसके लिए आर्किटेक्ट को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई का खाका तैयार किया जा रहा, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि बिना प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत आर्किटेक्ट इतना बड़ा खेल कैसे कर सकते हैं।

दरअसल, बृहस्पतिवार को सीएम फ्लाइंग और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की संयुक्त टीम ने सेक्टर-70ए स्थित बीपीटीपी एस्टेयर गार्डन, इम्पीरियल और ग्रीन ओक्स इलाके में बड़े स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान करीब 22 इमारतों को चेक किया गया जिनमें से लगभग 14 इमारतें ऐसी मिलीं जहां अभी प्लास्टर का काम भी नहीं हुआ था। केवल ईंटों का ढांचा ही खड़ा था। इसके बावजूद इन इमारतों के लिए ओसी जारी कर दिए गए थे। यह स्थिति न केवल नियमों की अनदेखी को दर्शाती है, बल्कि निर्माण प्रणाली में गंभीर खामियों की ओर भी इशारा करती है। इस कार्रवाई में डीटीपी प्लानिंग और डीटीपी इन्फोर्समेंट की संयुक्त टीम भी शामिल रही। टीम ने इन क्षेत्रों में स्टिल्ट+4 मंजिला स्वीकृत ओसी साइट्स का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने सभी संदिग्ध इमारतों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया और मौके पर ही संबंधित दस्तावेजों की जांच की। साथ ही उन आर्किटेक्ट्स की सूची भी तैयार कर ली गई है, जिन्होंने इन अधूरी इमारतों के लिए ओसी जारी किए थे।
अब होगी कार्रवाई !
अब डीटीपी प्लानिंग विभाग इन आर्किटेक्ट्स के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। इसमें ब्लैकलिस्ट करने, लाइसेंस निलंबित करने और अन्य विभागीय कार्रवाई जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। सीएम फ्लाइंग के एक जिम्मेदार अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में बेहद गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कई मामलों में निर्माण पूरा होने से पहले ही ओसी जारी कर दिए गए, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। सभी मामलों की गहन जांच की जा रही है।
सीएम फ्लाइंग ने संभाला जांच का मोर्चा
अधिकारियों का कहना है कि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में अन्य लाइसेंस कॉलोनियों में भी इसी प्रकार के निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे। विभाग का उद्देश्य ओसी जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। सीएम फ्लाइंग और टाउन प्लानिंग विभाग ने शहर की कई लाइसेंस कॉलोनियों में आर्किटेक्ट्स द्वारा सेल्फ सर्टिफिकेशन पाॅलिसी के तहत जारी ओसी की जांच की थी।
1500 ओसी की होगी जांच
शुरुआती जांच में ही सामने आया था कि कई इमारतों में निर्माण अधूरा होने के बावजूद उन्हें पूर्ण दर्शाकर ओसी जारी कर दिए गए। सीएम फ्लाइंग ने 1 जुलाई 2025 से 15 मार्च 2026 तक जारी करीब 1500 ओसी की सूची मंगाई है जिनकी चरणबद्ध तरीके से जांच की जा रही है।

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