Nuh Mewat News: भीषण गर्मी और सुरक्षा का 'धर्मसंकट': एक तरफ 'येलो अलर्ट' का कहर, दूसरी तरफ तपती धूप में फर्ज निभाती नूंह पुलिस

Desh Rojana
On

एक तरफ जहां आसमान से बरसती आग और भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार और मौसम विभाग ने 'येलो अलर्ट' जारी कर लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है, वहीं दूसरी तरफ जिला नूंह में पुलिस के जवान इस जानलेवा धूप में भी सड़कों पर मुस्तैद हैं।

नूंह मेवात। एक तरफ जहां आसमान से बरसती आग और भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार और मौसम विभाग ने 'येलो अलर्ट' जारी कर लोगों को घरों में रहने की सलाह दी है, वहीं दूसरी तरफ जिला नूंह में पुलिस के जवान इस जानलेवा धूप में भी सड़कों पर मुस्तैद हैं। तपती दोपहर में जहां आम इंसान का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है, वहीं पुलिस विभाग द्वारा चलाए जा रहे चेकिंग और चालान अभियान को लेकर अब जनता और व्यवस्था के बीच एक नई बहस छिड़ गई है।1002454759
जनता परेशान: 'इस धूप में बाहर निकलना मजबूरी, ऊपर से चालान की मार'
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गर्मी के कारण लोगों का जीना मुहाल हो चुका है। ऐसे में जो लोग किसी बेहद जरूरी काम या मजबूरी के चलते घर से बाहर निकल रहे हैं, उन्हें सड़कों पर नाकेबंदी और चालान की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। लोगों का तर्क है कि इस भीषण आपदा जैसी गर्मी में प्रशासन को थोड़ी नरमी बरतनी चाहिए, ताकि राहगीर जल्द से जल्द अपने गंतव्य तक पहुंच सकें और लू की चपेट में आने से बच सकें।
 
पुलिस की मजबूरी: 'वर्दी का फर्ज और आदेशों का पालन'
जब इस पूरे मामले को लेकर धरातल पर ड्यूटी कर रहे पुलिस के जवानों से बात की गई, तो नाम न छापने की शर्त पर एक जवान ने व्यवस्था का दूसरा पहलू सामने रखा।
"तपती धूप में जहां आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे अपने घरों के अंदर रहें और धूप से बचने के लिए जरूरी उपकरणों का इस्तेमाल करें, वहीं पुलिस के पास यह विकल्प नहीं होता। हमारी भी मजबूरी है। तपती धूप में सड़क पर खड़े होकर लोगों को सेवा और सुरक्षा मुहैया कराना हमारा फर्ज है। नियम और कानून का पालन करवाना हमारी ड्यूटी का हिस्सा है, जिसे हम चाहकर भी नजरअंदाज नहीं कर सकते।
इस स्थिति ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अत्यधिक मौसम के दौरान फील्ड में तैनात जवानों और आम जनता दोनों के लिए नियमों में थोड़ी ढील या विशेष गाइडलाइंस की जरूरत है?
एक तरफ जहां पुलिस का सड़कों पर होना कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा के लिए अनिवार्य है, वहीं दूसरी तरफ मानवीय दृष्टिकोण से इस जानलेवा गर्मी में फील्ड स्टाफ की सेहत और जनता की सहूलियत का संतुलन बनाना भी बेहद जरूरी नजर आता है।
Desh Rojana Hiring Ad

About The Author

संबंधित समाचार

Desh Rojana Hiring Ad