Gurugram News: दो घंटे की बारिश में डूबा गुरुग्राम, जलनिकासी के दावों की खुली पोल
सड़कों पर जलभराव, जगह-जगह जाम; स्कूल बसों से लेकर एंबुलेंस तक फंसीं, बारिश ने फिर खोली व्यवस्था की पोल
कई दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे गुरुग्रामवासियों को सोमवार को बारिश से राहत तो मिली, लेकिन करीब दो घंटे की तेज बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। सुबह करीब साढ़े 10 बजे शुरू हुई बारिश कुछ ही देर में तेज हो गई और देखते ही देखते शहर की कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं। जगह-जगह जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
गुरुग्राम: कई दिनों से उमस भरी गर्मी झेल रहे गुरुग्रामवासियों को सोमवार को बारिश से राहत तो मिली, लेकिन करीब दो घंटे की तेज बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। सुबह करीब साढ़े 10 बजे शुरू हुई बारिश कुछ ही देर में तेज हो गई और देखते ही देखते शहर की कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं। जगह-जगह जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
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दोपहर में स्कूलों की छुट्टी के समय हालात और बिगड़ गए। जलभराव और जाम में स्कूल बसों के साथ विद्यार्थी भी फंसे रहे। वहीं, मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस भी जाम की चपेट में आ गई। इससे शहर की जलनिकासी और यातायात व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल खड़े हो गए।
मुख्य सड़कों से कॉलोनियों तक पानी ही पानी: पुराना दिल्ली रोड, सिविल लाइंस, गोल्फ कोर्स रोड, सोहना रोड, कादीपुर रोड, मदनपुरी, धनवापुर रोड, लक्ष्मण विहार, अर्जुन नगर, ज्योति पार्क, बसई रोड, सेक्टर-7, सेक्टर-9, पटेल नगर और सेक्टर-15 सहित कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। कई स्थानों पर पानी इतना भर गया कि वाहन चालकों को पानी के बीच से निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा। जलभराव का सबसे अधिक असर दोपहिया वाहन चालकों पर पड़ा। कई जगह सड़क और नाले का अंतर तक दिखाई नहीं दे रहा था। बारिश रुकने के बाद भी लंबे समय तक पानी जमा रहा, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।
दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर भी थमी रफ्तार: बारिश का असर दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर भी देखने को मिला। सिग्नेचर टावर से हीरो होंडा चौक की तरफ जाने वाले मार्ग पर वाहनों की रफ्तार थम गई। वाहन चालक रेंगते हुए आगे बढ़ने को मजबूर रहे। करीब 15 मिनट में पूरा होने वाले सफर में लोगों को 50 मिनट से अधिक समय लगा।
गुरुग्राम में बारिश के बाद जाम लगना अब आम समस्या बनती जा रही है। हर मानसून में शहर के कई हिस्सों में जलभराव और यातायात बाधित होने की तस्वीर सामने आती है।
जलभराव के बाद सड़कों पर उतरे अधिकारी: जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर निगम सहित अन्य विभागों की टीमें मौके पर भेजी गईं। ट्रैफिक पुलिस ने भी यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कर्मचारियों को सड़कों पर उतारा। नगर निगम आयुक्त भी बारिश के दौरान सड़कों पर निकले और जलनिकासी व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने मुख्य सड़कों और नेशनल हाईवे के हालात का निरीक्षण किया। हालांकि, शहर के कई प्रमुख जलभराव वाले स्थानों पर लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
हर साल तैयारियों के दावे, बारिश में फिर वही तस्वीर: गुरुग्राम में मानसून से पहले नालों की सफाई, पंपों की व्यवस्था और जलनिकासी को लेकर तैयारियों के दावे किए जाते हैं। इसके बावजूद तेज बारिश होते ही शहर के कई हिस्से जलमग्न हो जाते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि जलभराव वाले स्थान पहले से चिन्हित हैं तो वहां स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा?
बारिश ने एक बार फिर प्रशासन के सामने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है -क्या हर साल जलभराव के बाद राहत कार्य ही समाधान है या शहर को स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की जरूरत है?

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