संसद व विधानसभाओं में महिलाओं को मिलेगा एक-तिहाई प्रतिनिधित्व, आत्मनिर्भरता और सम्मान की ओर बड़ा कदम: मेयर प्रवीण बत्रा जोशी
नारी शक्ति वंदन अभियान के अंतर्गत फरीदाबाद में भव्य पदयात्रा का हुआ आयोजन
महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में संसद एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण अधिनियम का उत्साह पदयात्रा में दिखाई दिया।
फरीदाबाद :महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में संसद एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण अधिनियम का उत्साह पदयात्रा में दिखाई दिया। इसी क्रम में नगर निगम फरीदाबाद की मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया।
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उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि यह निर्णय देश की महिलाओं को आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
मेयर ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के कल्याण और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए अनेक ऐतिहासिक फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में महिलाओं की सक्रिय और समान भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी सोच का परिणाम है, जिसके माध्यम से देश की आधी आबादी को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की ठोस पहल की गई है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से महिलाएं राजनीति में पर्याप्त प्रतिनिधित्व की मांग कर रही थीं और अब यह सपना साकार होने जा रहा है। संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होने से महिलाओं को न केवल चुनाव लड़ने के अवसर मिलेंगे, बल्कि वे नीति निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी। इससे लोकतंत्र और अधिक सुदृढ़ होगा तथा समाज में संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।
यह पदयात्रा बी. के. चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए निर्धारित रूट पर सम्पन्न हुई। पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, छात्राओं, सामाजिक संगठनों की प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों में जोश और उत्साह देखने को मिला तथा नागरिकों ने जगह-जगह रैली का स्वागत कर नारी सशक्तिकरण के संदेश का समर्थन किया।
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मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा कि नारी केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की आधारशिला होती है। जब महिलाएं शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर होती हैं, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है और देश प्रगति के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि यह आरक्षण महिलाओं को नेतृत्व के नए अवसर प्रदान करेगा, जिससे वे समाज के हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकेंगी।
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान, समानता और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। पदयात्रा में विभिन्न वर्गों से शामिल हुई नारी शक्ति इस बात का उदाहरण है कि नारी शक्ति वदन अभियान महिला नेतृत्व सामाजिक बदलाव समरसता के दृढ़ संकल्पना है।
इस अवसर पर एडीसी अंजली श्रोत्रिया, सीईओ जिला परिषद शिखा, सीडीपीओ मिनाक्षी चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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