बिना पते के प्रमाण के भी मिल रहा मिनी गैस कनेक्शन
डीसी आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में श्रमिकों तक पहुंच रही सरकारी योजनाओं की जानकारी
उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा प्रवासी मजदूरों के हितों की सुरक्षा एवं उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में विभाग की टीमें विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित कर रही हैं तथा मजदूरों के बीच पर्चों का वितरण कर उन्हें उनके अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक कर रही हैं।
फरीदाबाद: उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा प्रवासी मजदूरों के हितों की सुरक्षा एवं उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में विभाग की टीमें विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित कर रही हैं तथा मजदूरों के बीच पर्चों का वितरण कर उन्हें उनके अधिकारों और उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक कर रही हैं। विशेष रूप से इस अभियान के अंतर्गत फरीदाबाद के लेबर चौक तथा आसपास के ईंट-भट्ठों को प्राथमिकता के आधार पर कवर किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक कार्यरत हैं।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) कविता सिंह परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि आम उपभोक्ताओं, विशेष रूप से निम्न आय वर्ग एवं प्रवासी श्रमिकों को स्वच्छ ईंधन की सुविधा सुलभ कराने के उद्देश्य से “मिनी भारतगैस” पहल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को कम लागत में 5 किलोग्राम क्षमता वाला एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे आसानी से स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन का उपयोग कर सकें।
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उन्होंने कहा कि इच्छुक उपभोक्ता अपने नजदीकी भारत गैस डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क कर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए किसी भी वैध पहचान पत्र की आवश्यकता होती है, जबकि पते का प्रमाण अनिवार्य नहीं रखा गया है। उपभोक्ताओं को एक बार जमा राशि का भुगतान करना होता है, जिसके बाद उन्हें मिनी सिलेंडर प्रदान किया जाता है। यह सुविधा विशेष रूप से उन श्रमिकों और अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों के लिए लाभकारी है, जो स्थायी गैस कनेक्शन नहीं ले पाते।
उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और पारंपरिक ईंधनों के स्थान पर एलपीजी का उपयोग कर स्वच्छता एवं स्वास्थ्य को बढ़ावा दें।

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