Palwal News : सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत हरियाणा सरकार 60 वर्ष से अधिक आयु के अंत्योदय परिवारों के वरिष्ठ नागरिकों को करवा रही है निशुल्क तीर्थ यात्रा
पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगी स्पेशल ट्रेन में सीट, मेडिकल प्रमाण पत्र अनिवार्य
उपायुक्त डा. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने बताया कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देशभर में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक मनाए जा रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश के अंत्योदय परिवारों के 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की निशुल्क धार्मिक यात्रा कराने का निर्णय लिया है।
पलवल। उपायुक्त डा. जयेंद्र सिंह छिल्लर ने बताया कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा देशभर में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक मनाए जा रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश के अंत्योदय परिवारों के 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग की निशुल्क धार्मिक यात्रा कराने का निर्णय लिया है। 
इच्छुक श्रद्धालु 6 जून तक हरियाणा सरकार के सरल हरियाणा पोर्टल saralharyana.gov.in/ पर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। उन्होंने पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले श्रद्धालुओं से जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय, पलवल को भी इसकी सूचना देने का आह्वान किया। उपायुक्त ने बताया कि श्रद्धालुओं को ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर स्पेशल ट्रेन में सीट उपलब्ध करवाई जाएगी। यह विशेष ट्रेन कुरुक्षेत्र से चलकर करनाल, पानीपत, सोनीपत, दिल्ली सहित विभिन्न रेलवे स्टेशनों से होते हुए श्री सोमनाथ पहुंचेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 8 जून को कुरुक्षेत्र रेलवे जंक्शन से इस स्पेशल ट्रेन को श्री सोमनाथ के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उपायुक्त ने कहा कि यात्रा के दौरान स्पेशल ट्रेन तथा धार्मिक स्थल पर किसी भी प्रकार का नशा पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। केवल पंजीकृत श्रद्धालुओं को ही ट्रेन में यात्रा की अनुमति होगी। बिना पंजीकरण और सहमति के यात्रा करने का प्रयास करने वाले व्यक्तियों को जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज या पहचान पत्र प्रस्तुत न करने की स्थिति में बीच मार्ग में ही ट्रेन से उतारा जा सकता है, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित व्यक्ति की होगी। उन्होंने बताया कि पंजीकरण और सहमति देने के बाद यदि कोई श्रद्धालु यात्रा पर नहीं जाता है तो उसे यात्रा का लाभ प्राप्त माना जाएगा तथा अगले तीन वर्षों तक इस प्रकार की किसी भी सरकारी तीर्थ यात्रा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। उपायुक्त डा. छिल्लर ने बताया कि यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को अपनी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी उपलब्ध करानी होगी तथा अधिकृत चिकित्सक द्वारा जारी फिटनेस प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से तीर्थ यात्रियों के रहने, भोजन और स्थानीय परिवहन की समुचित व्यवस्था की जाएगी। यात्रा के लिए आवेदन करते समय वैध फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड अथवा अन्य सरकारी पहचान पत्र), परिवार पहचान पत्र (पीपीपी), शारीरिक रूप से यात्रा के लिए सक्षम होने की स्वयं घोषणा तथा पिछले तीन वर्षों में योजना का लाभ न लेने संबंधी घोषणा पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हरियाणा का निवासी होना तथा उसका परिवार पहचान पत्र होना आवश्यक है। योजना के नियमों के अनुसार कोई भी पात्र व्यक्ति प्रत्येक तीन वर्ष में केवल एक बार ही इस सुविधा का लाभ उठा सकेगा।




