तावडू एसडीएम का अपने ही दफ्तर पर 'सर्जिकल स्ट्राइक, बिना वर्दी मिले दो कर्मचारी, मौके पर ही काटा वेतन!
एसडीएम ने अपने ही कार्यालय का किया औचक निरीक्षण।
प्रशासन में अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर एसडीएम तावडू जितेंद्र गर्ग पूरी तरह सख्त नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को उन्होंने किसी बाहरी विभाग के बजाय अपने ही एसडीएम कार्यालय और सरल केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
तावडू: प्रशासन में अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर एसडीएम तावडू जितेंद्र गर्ग पूरी तरह सख्त नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को उन्होंने किसी बाहरी विभाग के बजाय अपने ही एसडीएम कार्यालय और सरल केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
इस अचानक हुई जांच से पूरे कार्यालय में हड़कंप मच गया।अपने ही स्टाफ पर कड़ा एक्शन, निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने अनुशासन को सर्वोपरि रखते हुए अपने स्टाफ की बारीकी से जांच की। इस दौरान कार्यालय में तैनात दो पीएन (चपरासी), मोनू कुमार और संजय कुमार, बिना सरकारी वर्दी के ड्यूटी पर पाए गए। एसडीएम ने इसे सेवा नियमों की घोर लापरवाही मानते हुए मौके पर ही दोनों का वेतन काटने के आदेश जारी कर दिए। शुक्रवार तक का अल्टीमेटम: नेम प्लेट और बायोडाटा अनिवार्य जनता को होने वाली असुविधा को देखते हुए एसडीएम ने अपने कार्यालय के सभी कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि शुक्रवार तक सभी कर्मचारी अपने कक्ष के बाहर अपनी नेम प्लेट लगवाएं। नेम प्लेट के साथ यह स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए कि कौन सा अधिकारी क्या काम करता है, ताकि आने वाली जनता को सही पटल की जानकारी मिल सके।
वहीं निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड और फाइलों की जांच करते हुए एसडीएम जितेंद्र गर्ग ने दोटूक शब्दों में कहा कि कार्यालय के भीतर किसी भी प्रकार की धांधलेबाजी, भ्रष्टाचार या काम में कोई भी कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई भी कर्मचारी अपनी ड्यूटी में लापरवाही बरतता है या जनता को परेशान करता है, तो उसके खिलाफ इससे भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम जितेंद्र गर्ग का आधिकारिक बयान:
"प्रशासनिक सुधार की शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए, इसलिए आज मैंने स्वयं के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया है। मोनू कुमार और संजय कुमार द्वारा वर्दी न पहनना अनुशासनहीनता है, जिस पर कार्रवाई की गई है। शुक्रवार तक सभी को अपना कार्य-विवरण और नेम प्लेट लगाने का समय दिया गया है। हमारा लक्ष्य जनता को भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी शासन देना है।
एसडीएम की इस 'स्वयं के कार्यालय' पर की गई कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि नियम सबके लिए बराबर हैं, चाहे वह अपना स्टाफ ही क्यों न हो। इससे आने वाले समय में तावडू प्रशासन की कार्यप्रणाली में बड़े सुधार की उम्मीद है।

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