Palwal News : पलवल को एनसीआर क्षेत्र बाहर करने की मांग, किसानों ने रूपरेखा की तैयार
भारतीय किसान यूनियन टिकैत की बैठक स्थानीय जाट धर्मशाला में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष समंदर सिंह चौहान ने की, जबकि मंच का संचालन ज्ञान सिंह चौहान ने किया।
पलवल। भारतीय किसान यूनियन टिकैत की बैठक स्थानीय जाट धर्मशाला में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष समंदर सिंह चौहान ने की, जबकि मंच का संचालन ज्ञान सिंह चौहान ने किया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत बतौर मुख्य वक्ता सम्मलित हुए। बैठक में पलवल जिले एनसीआर क्षेत्र से बाहर करने की सरकार से मांग की गई। 

रतन सिंह सौरोत ने बताया की बैठक में 16 से 18 जून को हरिद्वार में होने वाले यूनियन के शिविर के लिए जिले के किसानों को निमंत्रण दिया गया है। भारतीय किसान यूनियन द्वारा हरिद्वार में हर वर्ष यह शिविर आयोजित होता है, जिसमें देश के 18 राज्यों के पदाधिकारी और किसान हिस्सा लेते हैं और राष्ट्रीय स्तर के अहम मुद्दों पर चर्चा होती है। रतन सिंह सौरोत ने आगे कहा कि बैठक में मांग की गई कि पलवल जिले को एनसीआर क्षेत्र से बाहर किया जाए, क्योँकि पलवल को एनसीआर में शामिल होने से सहूलियतें तो मिलना दूर की बात है बल्कि उल्टा किसानों के लिए जी का जंजाल बना हुआ है। बैठक में निर्णय लिया गया है कि पलवल को एनसीआर से बाहर करने के लिए 15 जून को जिला उपायुक्त के माध्यम से एनसीआर सेक्ट्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही स्थानीय विधायकों और सांसदों को भी इस मांग से अवगत कराया जाएगा।
रतन सिंह सौरोत ने कहा कि जब मनोहर लाल खटटर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने अपने जिले करनाल और पानीपत को एनसीआर से बाहर करवाने के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखी थी, यदि एनसीआर क्षेत्र होने से इतनी सहूलियत होती तो खुद मनोहर लाल खटटर मुख्यमंत्री होते हुए अपने जिलों को इससे बाहर करने की मांग नहीं करते। उन्होंने कहा कि अब एनसीआर के दायरे को 150 किलोमीटर से घटाया जा रहा है जिसके लिए 16 जून को दिल्ली में बैठक होनी है, इसलिए हमारी भी मांग है की पलवल जिले को भी एनसीआर से बाहर किया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। सौरोत ने कहा कि अगर हमारी इस मांग को नहीं माना गया तो भविष्य में जिले के किसानो के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर एक वर्ष होने पर पुरानी कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा होने पर नई कार्यकारिणी का गठन किया, जिसमें सर्व सम्मति से समंदर सिंह चौहान को दूसरी बार जिला अध्यक्ष चुना गया। पलवल क्षेत्र से अशोक अमरपुर, हथीन से भागीरथ बडग़ुर्जर, होडल से प्रभु सिंह खिरबी और मिंडकोला भुडेर क्षेत्र से डॉ राजू मिंडकोला को अध्यक्ष बनाया गया। जिला वरिष्ठ उप प्रधान रामदयाल सरपंच बढ़ा, चंदन सिंह सौरोत एवं गजेंद्र सरपंच मानपुर को बनाया गया व जिला महासचिव की जिम्मेवारी मास्टर तेजपाल बहिन को सौंपी गई। बैठक में लख्मी पांचाल, होशियार सरपंच, गजराज देशवाल, देवदत्त थनथरी, मास्टर दिगम्बर, सुमेर सरपंच गहलब, डालचंद रायदासका, कन्हैया मंढनाका, सुधीर भिड़ूकी, कल्लू पंडित, बिजेंद्र, राजू मरौली, बबली आलूका, सुभाष दलाल व सुभाष मौजूद रहे।




