हरियाणा में जनगणना 2026 दो चरणों में होगी आयोजित, 1 मई से शुरू होगा हाउस काउंट
- जनगणना में नया बदलाव, अब ऑनलाइन स्वयं भर सकेंगे अपनी जानकारी, 16 से 30 अप्रैल तक स्वयं जनगणना का मिलेगा अवसर
फरीदाबाद:- हरियाणा में आगामी जनगणना 2026 के सफल आयोजन को लेकर आज हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक (डीसीओ) एवं नागरिक पंजीकरण निदेशक (डीसीआर) डॉ. ललित जैन द्वारा राज्य स्तरीय ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों ने भाग लिया। फरीदाबाद जिला से जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शिखा बैठक में शामिल हुईं।
फरीदाबाद:- हरियाणा में आगामी जनगणना 2026 के सफल आयोजन को लेकर आज हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक (डीसीओ) एवं नागरिक पंजीकरण निदेशक (डीसीआर) डॉ. ललित जैन द्वारा राज्य स्तरीय ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों ने भाग लिया। फरीदाबाद जिला से जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शिखा बैठक में शामिल हुईं।

हरियाणा में जनगणना 2026 दो चरणों में होगी आयोजित, 1 मई से शुरू होगा हाउस काउंट
हरियाणा के जनगणना संचालन निदेशक (डीसीओ) एवं नागरिक पंजीकरण निदेशक (डीसीआर) डॉ. ललित जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि जनगणना का कार्य भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशन में दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। प्रथम चरण के अंतर्गत हाउस लिस्टिंग/हाउस काउंट का कार्य 1 मई से 31 मई 2026 तक पूरे हरियाणा में संचालित होगा, जिसके लिए संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्य में लगभग 65,000 स्कूल शिक्षक बतौर प्रगणक (एन्यूमरेटर) भाग ले रहे हैं। द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना (पॉपुलेशन काउंट) का कार्य 9 फरवरी 2027 से 1 मार्च 2027 तक देशभर में एक साथ किया जाएगा।
जनगणना में नया बदलाव, अब ऑनलाइन स्वयं भर सकेंगे अपनी जानकारी
डॉ. जैन ने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में दो महत्वपूर्ण नवाचार किए गए हैं। पहला, जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिससे सभी अभिलेख सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रूप में संग्रहित रहेंगे। दूसरा, नागरिकों को स्वयं जनगणना (Self Enumeration) की सुविधा प्रदान की गई है, जिससे वे अपना समय बचाते हुए अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके लिए नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं, जहां प्रत्येक परिवार के लिए एक मोबाइल नंबर के माध्यम से एक यूनिक आईडी (SE ID) बनाई जाएगी।
16 से 30 अप्रैल तक स्वयं जनगणना का मिलेगा अवसर
उन्होंने आगे बताया कि यदि किसी परिवार ने स्वयं जनगणना कर ली है और बाद में प्रगणक उनके घर पहुंचता है, तो वे केवल अपनी 11 अंकों की एसई आईडी साझा कर सकते हैं, जिससे दोबारा जानकारी भरने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि पहले से भरी गई जानकारी में किसी प्रकार का संशोधन आवश्यक हो, तो प्रगणक के माध्यम से उसे अपडेट भी किया जा सकेगा। राज्य में नागरिकों को स्वयं जनगणना के लिए 16 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक का अवसर प्रदान किया जाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में स्वयं जनगणना का लाभ उठाएं, ताकि समय की बचत के साथ-साथ प्रक्रिया को सुगम और प्रभावी बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि जनगणना की इस नई प्रक्रिया के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए एक जागरूकता वीडियो भी तैयार किया गया है, जिसे राज्य एवं जिला स्तर के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और समूहों के माध्यम से साझा किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे इस डिजिटल सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, स्वयं अपनी जानकारी सही एवं पूर्ण रूप से भरें तथा जनगणना कार्य में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि सटीक एवं पारदर्शी आंकड़े प्राप्त किए जा सकें।
बैठक में जिला जनगणना समन्वय अधिकारी प्रशांत शर्मा, सीटीएम अंकित कुमार, डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।

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