बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सजग एवं सतर्क: अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति
बाल विवाह कराने पर हो सकती है दो साल की कैद व एक लाख रुपये तक का जुर्माना
अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने बताया कि जिला प्रशासन बाल विवाह रोकने के लिए पूरी तरह सजग एवं सतर्क है। आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया (अक्खा तीज) पर विवाह-शादियों के लिए अबूझ सावा व शुभ मुहूर्त होने के चलते जिले में बड़ी संख्या में विवाह समारोह आयोजित होने की संभावना
नूंह:अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति ने बताया कि जिला प्रशासन बाल विवाह रोकने के लिए पूरी तरह सजग एवं सतर्क है। आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया (अक्खा तीज) पर विवाह-शादियों के लिए अबूझ सावा व शुभ मुहूर्त होने के चलते जिले में बड़ी संख्या में विवाह समारोह आयोजित होने की संभावना है। ऐसे अवसरों पर बाल विवाह होने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह करने अथवा करवाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

अतिरिक्त उपायुक्त ने जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की रोकथाम के लिए पुजारी, गांव के सरपंच, नंबरदार तथा शहरी क्षेत्रों के पूर्व पार्षदों को जागरूक एवं सतर्क किया जाए। साथ ही किसी भी संदिग्ध विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने मैरिज पैलेस एवं बैंक्वेट हॉल संचालकों को निर्देशित किया कि उनके यहां आयोजित होने वाले विवाह समारोह से पूर्व दूल्हा व दुल्हन के आयु प्रमाण पत्रों की अनिवार्य रूप से जांच की जाए। यदि जांच के दौरान लड़के की आयु 21 वर्ष से कम अथवा लड़की की आयु 18 वर्ष से कम पाई जाती है तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दी जाए तथा आयु प्रमाण पत्र की एक प्रति अपने रिकॉर्ड में सुरक्षित रखी जाए।
बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार लड़की की शादी 18 वर्ष तथा लड़के की शादी 21 वर्ष से कम आयु में करना कानूनन अपराध है। इस अधिनियम के तहत बाल विवाह के आयोजन में शामिल सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है, जिसमें दो वर्ष तक की कैद एवं एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह की सूचना कोई भी नागरिक पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, सीटीएम, तहसीलदार, नजदीकी पुलिस थाना या चौकी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, डब्ल्यूसीडीपीओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास तथा बाल विवाह निषेध अधिकारी को दे सकता है। इसके अतिरिक्त पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 1091 तथा आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी सूचना दी जा सकती है।

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