प्रदेश के सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त उपलब्ध है डायलिसिस सुविधा : उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ
डायलिसिस का पूरा खर्चा प्रदेश सरकार द्वारा किया जाता है वहन
पलवल:- हरियाणा में डायलिसिस सेवाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिले हैं। राज्य सरकार ने किडनी से संबंधित गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए डायलिसिस सुविधाओं को सुलभ और किफायती और निशुल्क बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
पलवल:- हरियाणा में डायलिसिस सेवाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिले हैं। राज्य सरकार ने किडनी से संबंधित गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए डायलिसिस सुविधाओं को सुलभ और किफायती और निशुल्क बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। हरियाणा सरकार की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा प्रदेश के जिला नागरिक अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में किडनी के रोग के गंभीर मरीजों को डायलिसिस की सुविधा निशुल्क प्रदान की जा रही है, जिसका पूरा खर्चा सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम और आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मुफ्त में प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिले, इसके लिए सरकार द्वारा लगातार स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और विस्तारीकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं।

उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि डायलिसिस एक ऐसी चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसमें किडनी के ठीक से काम न करने पर मशीन की मदद से खून को साफ किया जाता है। यह प्रक्रिया उन मरीजों के लिए जीवन रक्षक होती है, जो किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित होते हैं। हरियाणा में बढ़ते किडनी रोगियों की संख्या को देखते हुए सरकार ने जिला स्तर पर जिला नागरिक अस्पतालों में डायलिसिस केंद्र स्थापित किए हैं, जहां ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम’ के तहत मुफ्त डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद मरीजों को आर्थिक बोझ से राहत देना है।

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