जिला जेल पलवल में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य कानूनी अधिकार एवं नशा मुक्त अभियान 2025 के तहत जागरूकता शिविर हुआ आयोजित
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से किया गया आयोजन
पलवल:- हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशन में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन प्राधिकरण राज गुप्ता तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल हरीश गोयल के मार्गदर्शन में बुधवार को जिला जेल पलवल में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
पलवल:- हरियाणा राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण के निर्देशन में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन प्राधिकरण राज गुप्ता तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एवं सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल हरीश गोयल के मार्गदर्शन में बुधवार को जिला जेल पलवल में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर में डीएलएसए पलवल के पैनल अधिवक्ता संदीप गुप्ता द्वारा बंदियों को स्वास्थ्य संबंधी कानूनी अधिकारों एवं नशा मुक्त भारत योजना-2025 के अंतर्गत जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य जीवन का आधार है और प्रत्येक व्यक्ति को उपचार के दौरान कई महत्वपूर्ण अधिकार प्राप्त हैं, जैसे—आपातकालीन उपचार का अधिकार, सूचित सहमति का अधिकार, सूचना का अधिकार, गोपनीयता का अधिकार तथा सस्ती चिकित्सा का अधिकार। साथ ही बंदियों को यह भी बताया गया कि इलाज से संबंधित शिकायतें कहां और कैसे दर्ज कराई जा सकती हैं।

नशा मुक्त अभियान के अंतर्गत संदीप गुप्ता ने ड्रग एब्यूज वार्निंग नेटवर्क के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली है, जिसका उद्देश्य नशीली दवाओं के दुष्प्रभावों और उनके बढ़ते खतरे पर नजर रखना है। उन्होंने बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों—मानसिक तनाव, आर्थिक हानि, पारिवारिक कलह एवं स्वास्थ्य पर पडऩे वाले गंभीर प्रभाव—के बारे में विस्तार से बताया और नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि नशा केवल एक आदत नहीं बल्कि एक गंभीर बीमारी है और इसे समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि नशे के आदी व्यक्तियों को अपराधी नहीं, बल्कि पीड़ित के रूप में देखा जाए तथा उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक उपचार उपलब्ध हो।
कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी भी दी गई कि हरियाणा में नशा रोकथाम के लिए नमक लोटा अभियान, साइकिल रैलियां एवं टीम हकदार जैसी पहलें चलाई जा रही हैं। बंदियों से अपील की गई कि यदि उनके संज्ञान में कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा हो, तो इसकी सूचना नागरिक अस्पताल के नशा मुक्ति केंद्र या हेल्पलाइन नंबर 1933 अथवा 112 पर दें।
इस अवसर पर उप जेल अधीक्षक दिनेश यादव, डॉ. प्रवीण, डॉ. विजय कालरा तथा डॉ. दीपक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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