अब गाय से 100% बछिया ही पैदा होंगी जानिए Sexed Semen का पूरा सच !

Sexed Semen से अब गाय बछड़े नहीं सिर्फ बछिया ही पैदा करेगी। किसान की आमदनी में लगेंगे चार चाँद और बैलों को पालने का जोखिम भी होगा कम।

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गाय केवल मादा बच्चे यानि बछिया ही जन्मे . इसका समाधान करेगा Sexed Semen इससे गाय सिर्फ बछिया ही पैदा करेगी और किसानों पर बैलों के पालन पोषण का खर्च नहीं पड़ेगा। 

आज कृषि में बैल की उपयोगिता ना के बराबर रह गई है इसलिए किसान चाहते हैं कि उनकी गाय केवल मादा बच्चे यानि बछिया ही जन्मे और नर बच्चे पैदा ना हों। ताकि वे दूध बेच कर ज़्यादा से ज़्यादा मुनाफा कमा सकें लेकिन, प्रकृति के नियम के अनुसार गाय, नर और मादा दोनों को ही जन्म देती है। किसान की इसी समस्या का समाधान करेगा Sexed Semen इससे गाय सिर्फ बछिया ही पैदा करेगी और किसानों पर बैलों के पालन पोषण का खर्च नहीं पड़ेगा। तो आइये जानते हैं कि ये कैसे संभव है। ..

लिंग-निर्धारण वीर्य की प्रक्रिया 
जैसा की आप सभी जानते है कि एक मादा में XX Chromosomes मौजूद होते हैं जबकि, एक पुरुष में X और Y दोनों तरह के Chromosomes होते हैं। मादा के X और पुरुष के Y Chromosomes एक मेल के जन्म के लिए उत्तरदायी होते हैं जबकि, मादा का X और पुरुष का X Chromosomes एक फीमेल के जन्म के लिए उत्तरदायी होते हैं। ठीक इसी तरह से एक गाय और सांड में XX और XY Chromosomes होते हैं। ऐसे में यदि सांड के सीमन से Y गुणसूत्रों को हटा दिया जाए तो गाय और सांड के X X गुणसूत्र यानि Chromosomes मिलने से गाय सिर्फ बछिया को ही जन्म देगी। और वैज्ञानिको ने इसे संभव कर दिखाया है। 

लैबोरेटरी में सांड के वीर्य से  'X' और 'Y' गुणसूत्रों को उनके आकार या डीएनए की मात्रा के आधार पर अलग किया जाता है। सांड के वीर्य में मौजूद 'Y' गुणसूत्रों को लेजर का उपयोग करके हटा दिया जाता है। बाद में सांड के X X वाले हेल्दी शुक्राणुओं को गाय के गर्भाशय में प्लांट किया जाता है। जिससे गाय केवल मादा बच्चे को ही जन्म देती है। 

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स- 
एक्सपर्ट्स का कहना है कि, "सक्सेड सीमन से 90 परसेंट तक बछिया ही पैदा होंगी। इस पर अभी भी काम चल रहा है ताकि परसेंटेज को बढ़ाया जा सके। इसके लिए सीमन को दो बार प्रोसेस्ड करना होता है इससे पर्सेंटेज 95-96 तक भी जा रही है। " 


सेक्सड सीमन का विश्व में इतिहास
सेक्सड सीमन का व्यवसाय के तौर पर उत्पादन सबसे पहले अमेरिका के लिवरपूल में स्थित एक प्रयोगशाला किया गया था। अमेरिका समेत यूरोप के कुछ देशों ने इसे 21वीं सदी के प्रारम्भ में ही अपना लिया था। वर्तमान में दो कंपनियां 'सेक्सिंग टेक्नोलॉजीस' और 'ABS ग्लोबल' विश्व भर में सेक्सड सीमन का उत्पादन कर डेरी फार्मर्स को उपलब्ध करा रही हैं |

भारत में इतिहास
भारत में सेक्सड सीमन का उत्पादन सबसे पहले पश्चिम बंगाल गौ संपदा विकास संस्थान ने 2009 में शुरू किया था | संस्था ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) प्रोजेक्ट के तहत 2.9 करोड़ की लागत से हरिन्गथा में BD इन्फ्लक्स हाई स्पीड सेल सॉर्टर स्थापित किया था | यहाँ उत्पादित सेक्सड सीमन से पहला बछड़ा 1 जनवरी 2011 को पैदा हुआ था, जिसका नाम श्रेयश था | श्रेयश भारत में उत्पादित होने वाले सेक्सड सीमन से पैदा होने वाला पहला बछड़ा था | बंगाल से शुरू होकर ये प्रयोग अब पुरे देश में अपनाया जाने लगा है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया के आवाहन के बाद सेक्सड सीमन का उत्पादन देशभर में होने लगा है। देश के कई राज्यों ने अपने यहाँ सेक्सड सीमन का उत्पादन करने वाली लैब स्थापित करने लिए ग्लोबल टेंडर जारी किये हैं | राज्य सरकारों के अलावा BIAF, JK TRUST, NDDB, AMUL जैंसी संस्थायें भी अपने यहाँ सेक्सड सीमन का उत्पादन शुरू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।  


सक्सेड सीमन के फायदे और नुकसान 
कृषि से सम्बंधित कार्यों में में आजकल बैलों की उपयोगिया ना के बराबर रह गई है ऐसे में किसान बैलों को पलना नहीं चाहते जिस वजह से उन्हें ऐसे छोड़ दिया जाता है। ये आवारा पशु की कैटेगरी में आ गए हैं। वहीँ दूसरी और अगर सिर्फ मादा गाय ही पैदा होंगी तो किसान उनसे दुग्ध उत्पादन कर अच्छा लाभ ले सकेंगे। 
दूसरा अगर मादा गाय ही पैदा होंगी और नर गाय यानि सांड या बैल आदि पैदा नहीं होंगे तो इससे अच्छी गुवत्ता वाला सीमन प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है। Thumbb copy

तीसरा सेक्सड सीमन की कीमत अभी बहुत अधिक है। देश के विभिन्न भागों में सेक्सड सीमन के स्ट्रॉ की कीमत 1200 से 2000 रूपए है | भारत के गरीब किसान के लिए यह महंगा है, अगर किसान स्ट्रॉ खरीद भी लेता है और प्रयोग सक्सेस नहीं हुआ तो बछड़ा पैदा होगा इससे किसान को दुगना नुकसान उठाना पड़ सकता है।  

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