Faridabad News : एनपीटीआई में पीजीडीसी एलुमनाई मीट-2026 का भव्य आयोजन

‘सेतु’ थीम के तहत पूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थियों के बीच अनुभव और ज्ञान का आदान-प्रदान

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विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान (एनपीटीआई), कॉर्पोरेट कार्यालय, सेक्टर-33, फरीदाबाद में पीजीडीसी एलुमनाई मीट-2026 का भव्य आयोजन किया गया।

फरीदाबाद। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण प्रतिष्ठान (एनपीटीआई), कॉर्पोरेट कार्यालय, सेक्टर-33, फरीदाबाद में पीजीडीसी एलुमनाई मीट-2026 का भव्य आयोजन किया गया। ‘सेतु – ब्रिजिंग द गैप’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थियों के बीच संवाद स्थापित करना तथा अनुभव, ज्ञान और मार्गदर्शन के माध्यम से युवा इंजीनियरों को प्रोत्साहित करना था।  कार्यक्रम के दौरान पीजीडीसी के वर्तमान विद्यार्थियों ने समूह नृत्य, गायन और कविता पाठ सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। e

कार्यक्रम में विद्युत मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार श्रीमती रितु जैन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। एनपीटीआई के महानिदेशक एवं केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के सदस्य (ग्रिड ऑपरेशन एवं वितरण) हेमंत जैन ने उनका स्वागत किया। अपने स्वागत संबोधन में हेमंत जैन ने कहा कि एलुमनाई मीट पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ-साथ वर्तमान विद्यार्थियों को उनके अनुभवों से सीखने और अपने करियर को दिशा देने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने एनपीटीआई को विद्युत क्षेत्र में अपनी यात्रा का मार्गदर्शक संस्थान बताते हुए पूर्व विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। मुख्य अतिथि रितु जैन ने एनपीटीआई की विद्युत क्षेत्र में कौशल विकास एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि एलुमनाई का अनुभव और मार्गदर्शन युवा इंजीनियरों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने एनपीटीआई के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की बढ़ती राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान का भी उल्लेख किया और इस पहल को निरंतर जारी रखने की अपेक्षा व्यक्त की। धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए डॉ. इंदु माहेश्वरी, प्रधान निदेशक (प्रशिक्षण), NPTI ने सभी अतिथियों एवं पूर्व विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ‘सेतु’ ज्ञान, अनुभव और नवाचार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने राष्ट्रीय प्रशिक्षण नीति में उल्लिखित संस्कृत श्लोक के माध्यम से बताया कि प्रत्येक व्यक्ति में क्षमता होती है, आवश्यकता केवल उसकी प्रतिभा को पहचान कर सही दिशा देने वाले कुशल मार्गदर्शक की है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. वत्सला शर्मा, निदेशक (प्रशिक्षण) ने वर्ष 1996 से 2026 तक के पीजीडीसी पूर्व विद्यार्थियों का पटका पहनाकर स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम का समन्वयन डा. महेन्द्र सिंह, उप निदेशक द्वारा किया गया। इस अवसर पर एनपीटीआई के निदेशक, उप निदेशक, सहायक निदेशक तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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