Palwal News : पलवल जिला ने फसल मिसमैच डेटा सत्यापन में 23 जिलों में सबसे पहले हासिल किया 100 प्रतिशत लक्ष्य : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर
राजस्व विभाग की टीम की मेहनत रंग लाई, कृषि विभाग के सहयोग और बेहतर समन्वय से मिली बड़ी उपलब्धि
हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार प्रदेशभर में किए जा रहे फसल मिसमैच डेटा सत्यापन कार्य में जिला पलवल ने शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार प्रदेशभर में किए जा रहे फसल मिसमैच डेटा सत्यापन कार्य में जिला पलवल ने शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिला की राजस्व विभाग की टीम ने फसल मिसमैच डेटा का 100 प्रतिशत सत्यापन कार्य पूरा कर प्रदेश के सभी 23 जिलों में सबसे पहले निर्धारित लक्ष्य हासिल किया है। जिला पलवल की इस उपलब्धि को विभागीय प्रतिबद्धता, टीम भावना और प्रभावी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने टीमवर्क की सराहना करते हुए जिला राजस्व विभाग एवं कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीम को शुभकामनाएं दीं। 
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने कहा कि फसल मिसमैच डेटा का सत्यापन कृषि एवं राजस्व से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य है। इसके माध्यम से फसल संबंधी दर्ज जानकारी और उपलब्ध रिकॉर्ड के बीच अंतर की पहचान कर आवश्यक जांच एवं सत्यापन किया जाता है। इस प्रक्रिया की सटीकता सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा किसानों से संबंधित रिकॉर्ड को दुरुस्त रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करना जिला प्रशासन के लिए अहम जिम्मेदारी है। इस सफलता के लिए राजस्व विभाग की पूरी टीम सराहना की पात्र है। टीम के सदस्यों ने आपसी तालमेल और समर्पण के साथ कार्य करते हुए यह साबित किया कि बेहतर योजना, निरंतर प्रयास और सामूहिक जिम्मेदारी से निर्धारित लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्राप्त किया जा सकता है। पलवल जिला की राजस्व विभाग की टीम ने इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हुए फसल मिसमैच डेटा सत्यापन का कार्य पूरी तत्परता के साथ किया। टीम के सामूहिक प्रयासों और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप जिले ने शत-प्रतिशत सत्यापन का लक्ष्य हासिल किया। प्रदेश के 23 जिलों में सबसे पहले यह उपलब्धि प्राप्त करना पलवल के लिए विशेष उपलब्धि है। इससे जिले की कार्यक्षमता और निर्धारित लक्ष्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने की प्रतिबद्धता भी सामने आई है। इस उपलब्धि में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीम का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लगातार राजस्व विभाग के साथ समन्वय बनाए रखा और एमएफएमबी (मेरी फसल मेरा ब्यौरा) तथा एग्रीस्टैक से जुड़े कार्यों में आवश्यक सहयोग प्रदान किया। दोनों विभागों के बीच बेहतर तालमेल ने कार्यों को आगे बढ़ाने और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद की। पलवल जिला की यह उपलब्धि दर्शाती है कि सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी से प्रशासनिक कार्यों में उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। राजस्व विभाग की टीम ने जहां फसल मिसमैच डेटा सत्यापन में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, वहीं कृषि विभाग की टीम ने एमएफएमबी और एग्रीस्टैक के कार्यों में सहयोग देकर संयुक्त प्रयासों की मिसाल पेश की। पलवल की इस सफलता से जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को नई पहचान मिली है। राजस्व और कृषि विभाग की टीमों के संयुक्त प्रयासों ने यह संदेश दिया है कि आपसी सहयोग, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने से न केवल निर्धारित लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं, बल्कि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया जा सकता है। जिला राजस्व अधिकारी बलराज सिंह दांगी ने बताया कि पलवल जिला ने फसल मिसमैच डेटा सत्यापन के कार्य में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। जिला राजस्व विभाग की ओर से जारी तहसीलवार रिपोर्ट के अनुसार, जिले की पांचों तहसीलों में कुल 79,860.615 एकड़ कृषि क्षेत्र का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सत्यापन के लिए कोई भी क्षेत्र लंबित नहीं है। तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार, बहीन तहसील में 7,096.293 एकड़, हसनपुर तहसील में 5,685.109 एकड़, हथीन तहसील में 14,977.476 एकड़, होडल तहसील में 19,637.767 एकड़ और पलवल तहसील में 32,463.970 एकड़ क्षेत्र का सत्यापन किया गया है। सभी पांचों तहसीलों ने 100 प्रतिशत सत्यापन का लक्ष्य पूरा किया है।

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