Samalkha News: फर्जी सरकारी प्लेट से रौब झाड़ना पड़ा भारी, पिता-पुत्र गिरफ्तार
निजी कारों पर ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ लिखी प्लेट लगाने का आरोप, अर्टिगा व सियाज जब्त, अदालत ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
खुद को सरकारी अधिकारी बताकर कथित तौर पर लोगों पर रौब झाड़ना पिता-पुत्र को भारी पड़ गया। समालखा पुलिस ने निजी कारों पर फर्जी सरकारी नंबर प्लेट लगाकर घूमने के आरोप में कृष्णा कॉलोनी निवासी राजवीर और उसके बेटे राहुल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से अर्टिगा और सियाज कारें जब्त की हैं। दोनों आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
समालखा: खुद को सरकारी अधिकारी बताकर कथित तौर पर लोगों पर रौब झाड़ना पिता-पुत्र को भारी पड़ गया। समालखा पुलिस ने निजी कारों पर फर्जी सरकारी नंबर प्लेट लगाकर घूमने के आरोप में कृष्णा कॉलोनी निवासी राजवीर और उसके बेटे राहुल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से अर्टिगा और सियाज कारें जब्त की हैं। दोनों आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
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समालखा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महिपाल के अनुसार हथवाला रोड पर ट्रैफिक पुलिस का नाका लगा हुआ था। इसी दौरान सूचना मिली कि एक व्यक्ति निजी वाहन पर सरकारी नंबर प्लेट लगाकर और सायरन बजाते हुए लोगों पर धौंस जमा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एसएफसी होटल के पीछे खड़ी एक सफेद अर्टिगा और सियाज कार की जांच की।
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पुलिस के मुताबिक अर्टिगा पर HR-06-GV-7574 और सियाज पर HR-60-J-4229 नंबर अंकित थे। चालान मशीन से जांच करने पर दोनों नंबरों का रिकॉर्ड संबंधित वाहनों से मेल नहीं खाया। कारों पर लाल प्लास्टिक की प्लेटों पर पीले अक्षरों में ‘Government of India’, ‘PBS Ministry’ शब्द लिखे हुए थे। जांच में दोनों वाहनों के वास्तविक पंजीकरण नंबर अलग पाए गए और कारें अन्य व्यक्तियों के नाम पर पंजीकृत मिलीं।
पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर बीएनएस की धारा 318(4), 338 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि फर्जी प्लेट का इस्तेमाल कथित तौर पर पिछले दो-तीन महीने से किया जा रहा था।
रिमांड में खुलेगा फर्जी प्लेट का राज:
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी सरकारी प्लेटें कहां से बनवाई गईं, इन्हें किसने तैयार किया और इनके इस्तेमाल के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। तीन दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से इस संबंध में पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन वाहनों का इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य के लिए तो नहीं किया गया।

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