New Delhi News: सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, चुनाव आयोग ने कानून तोड़ा तो रोक देंगे फैसले
सीईसी को सस्पेंड करने का अंतरिम आदेश नहीं दिया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की याचिका पर सुनवाई की। उन पर एसआईआर से जुड़े करीब 14 फैसले दो अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लेने का आरोप है। अदालत ने उन्हें निलंबित करने का अंतरिम आदेश देने से तो इनकार किया, लेकिन चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि अगर फैसले बिना सहमति के लिए पाए गए, तो उन्हें वापस लिया जा सकता है।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की याचिका पर सुनवाई की। उन पर एसआईआर से जुड़े करीब 14 फैसले दो अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लेने का आरोप है। अदालत ने उन्हें निलंबित करने का अंतरिम आदेश देने से तो इनकार किया, लेकिन चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि अगर फैसले बिना सहमति के लिए पाए गए, तो उन्हें वापस लिया जा सकता है। सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा- फॉर्म-6 में किसी संशोधन को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी नहीं दी है। इसके कुछ घंटे बाद चुनाव आयोग ने कहा कि 24 जून, 2025 के बिहार एसआईआर आदेश के दौरान फॉर्म 6 के साथ एक घोषणा जोड़ी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई के अपने आदेश में इसे सही ठहराया था।

नौ दिन पहले भी चुनाव आयोग ने प्रेस नोट में कहा था कि एसआईआर के लिए फॉर्म-6 के साथ लगाए गए डिक्लेरेशन को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिली है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कोई खबर सौ प्रतिशत सही,आंशिक रूप से सही या गलत हो सकती है। इसलिए सिर्फ मीडिया रिपोर्ट के आधार पर सीईसी को सस्पेंड करने का अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता। पहले चुनाव आयोग का जवाब और रिकॉर्ड देखना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग के फैसले सर्वसम्मति या बहुमत से लिए जाने चाहिए। यानी तीन सदस्यीय आयोग में किसी एक सदस्य का अकेले फैसला पूरे आयोग का फैसला नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले रिकॉर्ड देखना होगा। सिर्फ आरोप के आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि सभी फैसले सीईसी ने अकेले लिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि अगर रिकॉर्ड से पता चलता है कि कोई फैसला जरूरी प्रक्रिया के बिना लिया गया था, तो उस पर रोक लगाने पर विचार किया जा सकता है।
एसआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दो पीआईएल एसआईआर के खिलाफ दो पीआईएल दाखिल की गई हैं। राकेश कुमार सिंह ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने की मांग वाली याचिका दाखिल की थी। इनकी दलीलें एडवोकेट विकास सिंह ने रखीं। वहीं दूसरी याचिका शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने लगाई। इनकी ओर से सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी पेश हुईं।

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