Palwal News : ईमानदार सोच और जनभागीदारी से बदल रही ग्राम पंचायत ततारपुर की तस्वीर
पंचायती राज मंत्रालय द्वारा गांव ततारपुर को मॉडल महिला हितैषी पंचायत के रूप में किया गया नामांकित
हरियाणा के पलवल जिला की ग्राम पंचायत ततारपुर आज जनभागीदारी, पारदर्शिता और विकास की नई सोच के साथ आगे बढ़ रही है।
हरियाणा के पलवल जिला की ग्राम पंचायत ततारपुर आज जनभागीदारी, पारदर्शिता और विकास की नई सोच के साथ आगे बढ़ रही है। सरपंच सुरेंद्र शर्मा ने पंचायत की जिम्मेदारी संभालते समय गांव को अगले पांच वर्षों में शहर जैसी सुविधाओं से युक्त और उससे बेहतर बनाने का संकल्प लिया। इसी सोच के साथ पंचायत ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में कई नई पहल शुरू की हैं। ग्राम पंचायत ततारपुर ने डिजिटल तकनीक को अपनाते हुए*डिजिटल ग्राम सभा की शुरुआत की। गांव के मतदाताओं का डिजिटल पंजीकरण कर सॉफ्टवेयर तैयार किया गया, जिसके माध्यम से ग्रामीण अपनी समस्याएं ऑनलाइन पंचायत तक पहुंचा सकते हैं। ग्राम सभा की बैठक का शेड्यूल भी ऑनलाइन तैयार किया जाता है। इससे ग्रामीणों और पंचायत के बीच संवाद बढ़ा है तथा समस्याओं के समाधान में पारदर्शिता आई है। 
सरपंच सुरेंद्र शर्मा के अनुसार शिक्षा गांव के विकास की पहली सीढ़ी है। सरकारी स्कूल की इमारत की मरम्मत, वाटरप्रूफिंग, स्कूल परिसर में अर्थ फिलिंग तथा आवागमन के लिए सडक़ निर्माण जैसे कार्य करवाए गए। विद्यार्थियों को समय-समय पर पुस्तकें, स्टेशनरी, बैग और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याओं के समाधान के लिए नियमित बैठकें भी की जाती हैं। स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा दिया गया है। इसी प्रकार युवाओं को खेलों से जोडऩे के लिए क्रिकेट, वॉलीबॉल सहित अन्य खेलों की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा खिलाडय़िों को खेल किट देकर प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। गांव ततारपुर में नशे के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ग्रामीणों को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए शिविर आयोजित किए जाते हैं। पंचायत की इन गतिविधियों के परिणामस्वरूप गांव ततारपुर को जिला प्रशासन की ओर से पूर्व उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठï और पूर्व पुलिस अधीक्षक वरूण सिंगला द्वारा नशामुक्त गांव के रूप में सम्मानित किया गया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी पंचायत द्वारा चिकित्सा जांच शिविर आयोजित करवाए जाते हैं। एक स्वास्थ्य शिविर में बुजुर्गों में मोतियाबिंद के मामले सामने आने पर उन्हें उपचार के लिए दिल्ली ले जाकर ऑपरेशन करवाने में सहायता की गई। इसके बाद बुजुर्गों को बेहतर दृष्टि मिलने से उनके परिवारों में भी खुशी का माहौल बना। पर्यावरण संरक्षण के लिए पंचायत की जमीन, बारात घर, जलघर, खेल मैदान और श्मशान घाट सहित विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण किया जा रहा है। ग्रामीणों को भी अपने घरों के आसपास पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। पंचायत का लक्ष्य गांव को हरित, स्वस्थ और स्वच्छ बनाए रखना है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गांव में योग कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसके बाद नियमित रूप से सुबह 6 बजे से 7 बजे तक योगाभ्यास कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरणा मिल रही है। ततारपुर पंचायत केवल सरकारी अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय अपने संसाधनों से आय बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है। पंचायत की दुकानों को किराये पर देकर आय अर्जित की जा रही है। पंचायत की कुछ भूमि को पार्किंग के लिए कंपनी को दिए जाने से भी राजस्व प्राप्त हो रहा है। इस आय का उपयोग गांव के विकास कार्यों में किया जा रहा है। गांव में सोलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं और पंचायत भविष्य में गोचर भूमि पर सोलर प्लांट स्थापित कर गांव को अधिक से अधिक ग्रीन एनर्जी उपलब्ध कराने की दिशा में प्रस्ताव तैयार कर रही है। इससे भविष्य में गांव की बिजली जरूरतों को पूरा करने के साथ अतिरिक्त बिजली से पंचायत के लिए राजस्व अर्जित करने की संभावनाएं भी तलाश की जा रही हैं। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा गांव ततारपुर को मॉडल महिला हितैषी पंचायत के रूप में नामांकित किया गया है। महिला दिवस के अवसर पर गांव की महिलाओं और बेटियों को सम्मानित कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। सरपंच सुरेंद्र शर्मा का कहना है कि गांव का विकास सभी ग्रामीणों की भागीदारी से ही संभव है। पंचायत में महत्वपूर्ण निर्णय ग्रामीणों की सलाह और सहमति से लेने का प्रयास किया जाता है। गांव का भाईचारा ततारपुर की सबसे बड़ी ताकत है और सभी को साथ लेकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरपंच सुरेंद्र शर्मा के अनुसार उनके लिए सरपंच का पद केवल पद नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। उनका लक्ष्य है कि ततारपुर में हर बच्चा शिक्षा और खेलों में आगे बढ़े, हर परिवार स्वस्थ और खुशहाल रहे तथा गांव स्वच्छ, हरित, डिजिटल और आत्मनिर्भर बने। सेवा संकल्प अभियान के तहत ततारपुर की यह कहानी बताती है कि जनभागीदारी, तकनीक, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयासों से गांवों में विकास की नई तस्वीर बनाई जा सकती है।

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