PUNJAB ELECTION : राहुल गांधी के निर्देश पर Congress President राजा वडिंग का इस्तीफा
Punjab state Congress President के लिए विजयइंदर सिंगला फर्स्ट चॉइस
पंजाब कांग्रेस Punjab Congress अब पूरी तरह से मिशन इलेक्शन में लग गई है। पंजाब कांग्रेस को एक सूत्र में पिरोने के लिए कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सचिन पायलट की मुहिम रंग लाती दिख रही है। चुनाव की तैयारी को लेकर जहां कांग्रेस आला कमान पूरी तरह से सक्रिय है, वहीं पंजाब के नेताओं ने भी आला कमान के सुर में सुर मिलाना।
चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस Punjab Congress अब पूरी तरह से मिशन इलेक्शन में लग गई है। पंजाब कांग्रेस को एक सूत्र में पिरोने के लिए कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सचिन पायलट की मुहिम रंग लाती दिख रही है। चुनाव की तैयारी को लेकर जहां कांग्रेस आला कमान पूरी तरह से सक्रिय है, वहीं पंजाब के नेताओं ने भी आला कमान के सुर में सुर मिलाना।शुरू कर दिया है राहुल गांधी के निर्देश पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष हरिंदर सिंह@ राजा वडिंग ने अपना इस्तीफा दे दिया है। राजा वडिंग ने सोशल मीडिया "X" पर खुद को एक्स कांग्रेस प्रेसिडेंट लिखा है। हालांकि कांग्रेस के तमाम गुटों के नेताओं ने कहा है कि वह अब मिलकर चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

पंजाब में कांग्रेस अध्यक्ष और विधानसभा चुनाव में पार्टी नेतृत्व को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। EX CHIEF MINISTER चरणजीत सिंह चन्नी का ग्रुप स्टेट कांग्रेस प्रेसिडेंट राजा वडिंग का जमकर विरोध कर रहा था। पिछले दिनों ही राहुल गांधी ने सचिन पायलट को मिशन पंजाब पर लगाया था और उन्हें पंजाब का प्रभारी बनाकर भेजा गया था। अब सचिन पायलट की रिपोर्ट के आधार पर और राहुल गांधी के निर्देश पर राजा वडिंग ने इस्तीफा दे दिया है।
Punjab state Congress President के लिए विजयइंदर सिंगला फर्स्ट चॉइस
पंजाब स्टेट कांग्रेस प्रेसिडेंट के लिए कांग्रेस आला कमान अब गहन मंथन कर रहा है। पंजाब के कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने अपने-अपने ग्रुप की लोगों के लिए दिल्ली की दौड़ लगानी भी शुरू कर दी है। वहीं, अध्यक्ष पद के लिए विजयइंदर सिंगला कांग्रेस आला कमान की पहली पसंद हैं। कांग्रेस सोर्सेज के अनुसार सिंगला को दिल्ली बुला भी लिया गया है और उन्हें 2027 का एजेंडा पूरी तरह से समझा दिया गया है। सिंगला नेता विपक्ष राहुल गांधी की पहली पसंद है जुलाई महीने में भी जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने की बात थी तो उसे समय भी सिंगला का नाम सबसे आगे था ।
Non Sikh के चलते रुक सकती है सिंगला की नियुक्ति :
राजनीतिक गलियारों में जो चर्चाएं हैं उनके अनुसार वैसे तो सिंगल का प्रदेश अध्यक्ष बनना लगभग तय है । कांग्रेस आला कमान भी सिंगला को प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए सभी समीकरण तलाश रहा है लेकिन इसके बावजूद नॉन सिख होना सिंगला की नियुक्ति में आडे जा सकता है। क्योंकि, वर्ष 2021 में कांग्रेस ने पंजाब के मुख्यमंत्री पद से कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाने का मन बना लिया था। जब अमरिंदर सिंह का विकल्प तलाशने की बात चली तो सुनील जाखड़ (तत्कालीन पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और वर्तमान में भाजपा नेता) का नाम मुख्यमंत्री के पद पर गंभीरता से लिया जा रहा था । कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व भी सुनील जाखड़ के नाम के लिए तैयार था लेकिन उस समय जाखड़ का नॉनसिख होना उनके मुख्यमंत्री पद के बीच में दीवार बन गया था। बाद में चरणजीत सिंह चन्नी को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया गया था।
ये नेता भी है पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के दावेदार :
अगर किसी स्थिति में विजयइंदर सिंगला पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नहीं बन पाए तो कांग्रेस आला कमान और नामों पर भी विचार कर सकता है।
प्रताप सिंह बाजवा :
प्रताप सिंह बाजवा पुराने कांग्रेसी नेता हैं। बाजवा कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं और विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता हैं। बाजवा ने राजा वेडिंग के इस्तीफा पर दार्शनिक अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा था की "मौसम और कांग्रेस अध्यक्ष का पता नहीं कब बदल जाए"।
चरणजीत सिंह चन्नी :
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं । राजा वडिंग को कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने के लिए चरणजीत सिंह चन्नी ने भी पूरी लॉबिंग की थी। हालांकि पिछले दिनों चन्नी ने यह भी कह दिया था कि अब अध्यक्ष कौन हो, मायने नहीं रखता। पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए सारे कांग्रेसी मिलकर काम करेंगे। लेकिन, राजा वडिंग के हटने की खबरों के साथ ही चन्नी भी अध्यक्ष पद पर अपनी ताजपोशी के लिए सक्रिय हो गए हैं।
सुखजिंदर सिंह रंधावा :
रंधावा वर्तमान में पंजाब से कांग्रेस के सांसद हैं। इसके अलावा वे कांग्रेस शासन के दौरान पंजाब के उपमुख्यमंत्री भी रहे हैं। सुखजिंदर सिंह रंधावा ने वर्ष 2021 में पंजाब कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के साथ पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा भी खोला था। रंधावा के पिता सरदार संतोख सिंह दो बार पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे हैं।
राणा गुरजीत सिंह :
Gurjeet Singh पंजाब के कपूरथला से लगातार तीसरी बार कांग्रेस के विधायक हैं। राणा गुरजीत सिंह 2004 और 2009 में जालंधर लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। राणा गुरजीज सिंह पंजाब की कांग्रेस सरकारों (कैप्टन अमरिंदर सिंह और चरणजीत सिंह चन्नी के कार्यकाल) में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी सेवा दे चुके हैं।औद्योगिक पृष्ठभूमिराजनीति में आने से पहले वह एक सफल व्यवसायी थे। वह 'राणा ग्रुप ऑफ कंपनीज' के सह-संस्थापक हैं। उनका मुख्य व्यवसाय चीनी मिलों, शराब निर्माण, कपड़ा और कागज उद्योग से जुड़ा हुआ है। उन्हें पंजाब के सबसे अमीर राजनेताओं में गिना जाता है।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



