Palwal News : आशा वर्करों की मांगों को लेकर 4 अक्टूबर को जनप्रतिनिधि को सौंपा जाएगा प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन
आशा वर्कर यूनियन जिला कमेटी पलवल की बैठक आज जिला प्रधान जगबती डागर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आशा वर्करों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा निर्णय लिया गया कि 4 अक्टूबर को जिले की सभी स्कीम वर्करों के साथ आशा वर्कर भी प्रदर्शन करते हुए पलवल के जनप्रतिनिधि गौरव गौतम को प्रधानमंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन सौंपेंगी।
आशा वर्कर यूनियन जिला कमेटी पलवल की बैठक आज जिला प्रधान जगबती डागर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में आशा वर्करों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा निर्णय लिया गया कि 4 अक्टूबर को जिले की सभी स्कीम वर्करों के साथ आशा वर्कर भी प्रदर्शन करते हुए पलवल के जनप्रतिनिधि गौरव गौतम को प्रधानमंत्री के नाम मांगों का ज्ञापन सौंपेंगी।

मीटिंग में सर्वसम्मति से फैसला किया गया कि आगामी 1-3 दिसंबर तक दिल्ली में आयोजित होने वाले पड़ाव में जिले की सैकड़ों आशा वर्कर भाग लेंगी। दिल्ली पड़ाव की तैयारियों के लिए 8 अक्टूबर को हसनपुर, 10 अक्टूबर को पलवल, 13 अक्टूबर को होडल तथा 15अक्टूबर को हथीन में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। बैठक में सीआईटीयू के नेता रमेशचंद,आशा वर्कर यूनियन की नेता सविता, बबली, अनिता, राजपंचाल, रोशनी, पिंकी व मुकलेश ने भी शामिल होकर अपने विचार व्यक्त किए। बैठक में बोलते हुए सीआईटीयू की जिला प्रधान रामरती चौहान व आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान जगबती डागर ने कहा कि वर्ष 2025 में केंद्र सरकार द्वारा आशा वर्कर के लिए 1500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जिसको अभी तक लागू नहीं किया गया है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने वायदे के मुताबिक इस बढ़ोतरी को तुरंत लागू करे।यूनियन नेताओं ने 7 अगस्त से 19 अक्टूबर 2023 तक चली हड़ताल के दौरान आशा वर्करों के फिक्स मानदेय और इंसेंटिव में की गई कटौती को तत्काल बहाल करने की मांग की। उन्होंने मांग की कि आशा वर्करों को पक्का कर्मचारी बनाए जाने तक न्यूनतम 30,000 रुपये मासिक वेतन तथा सभी सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएं। साथ ही आशा वर्करों की रिटायरमेंट की आयु 65 वर्ष की जाए और सेवानिवृत्ति के समय 2 लाख रुपये रिटायरमेंट लाभ दिया जाए। बैठक में ऑनलाइन कार्य के बढ़ते बोझ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन ने कहा कि आशा वर्करों से कराए जाने वाले सभी ऑनलाइन कार्य के लिए उचित इंसेंटिव और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा ऑनलाइन कार्य को तकनीकी कार्य मानते हुए इसके लिए अलग से व्यवस्था की जाए। इसके अलावा आशा वर्करों के डेथ क्लेम को बढ़ाने, बैंक के माध्यम से बैंक लोन एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा साल में एक बार राशन मुहैया कराने की मांग भी रखी गई। आयुष्मान भारत योजना के तहत बनाए गए हेल्थ कार्डों के सुचारू रूप से काम नहीं करने के कारण आशा वर्करों के परिवारों को इलाज में आ रही दिक्कतों को दूर करते हुए हरियाणा सरकार के पैनल में शामिल अस्पतालों में इलाज की सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की गई। यूनियन नेताओं ने कहा कि 4 अक्टूबर के प्रदर्शन में आशा वर्करों के साथ जिले की अन्य स्कीम वर्कर भी शामिल होंगी और अपनी मांगों को लेकर पलवल के जनप्रतिनिधि को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगी।यूनियन ने संबंधित सरकारों से मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक निर्णय लेने की अपील की है।




