Nuh Mewat News: मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज के ड्राइवर का वेतन 60 हजार और पीएचडी असिस्टेंट प्रोफेसर को मिलते हैं 56 हजार।
आरटीआई से सामने आई जानकारी के बाद शिक्षकों की वेतन और सेवा शर्तों पर उठे सवाल, कर्मचारियों ने निदेशक को सौंपे लिखित अनुरोध
हरियाणा वक्फ बोर्ड द्वारा संचालित मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में कार्यरत शिक्षकों के वेतन और सेवा शर्तों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नूंह/मेवात: हरियाणा वक्फ बोर्ड द्वारा संचालित मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में कार्यरत शिक्षकों के वेतन और सेवा शर्तों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कर्मचारियों की ओर से कॉलेज में कार्यरत शिक्षकों के साथ वेतन एवं सेवा लाभों में कथित विसंगतियों को दूर करने की मांग की गई है। यह मामला हरियाणा वक्फ बोर्ड द्वारा आरटीआई के तहत मोहम्मद अरशद, एडवोकेट को उपलब्ध कराई गई जानकारी के बाद सामने आया है।

आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा वक्फ बोर्ड के अधीन कार्यरत और मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज में सेवाएं दे रहे ड्राइवर इमरान खान की नियमित सेवा में नियुक्ति 20 मई 2013 को हुई थी। बोर्ड के जवाब में उनका वर्तमान सकल वेतन ₹60,006 प्रतिमाह बताया गया है। वहीं एक अन्य ड्राइवर मुबारिक की नियमित सेवा में नियुक्ति 16 मई 2013 बताई गई है और उनका भी वर्तमान सकल वेतन ₹60,006 प्रतिमाह दर्शाया गया है।
दूसरी ओर, कर्मचारियों का कहना है कि कॉलेज में वर्ष 2012 से नियमित रूप से कार्यरत एक असिस्टेंट प्रोफेसर, जिनके पास तकनीकी विषय में पीएचडी की योग्यता भी है, का मासिक वेतन करीब ₹56 हजार बताया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार अनुबंध पर कार्यरत फैकल्टी को करीब ₹35 हजार प्रतिमाह, जबकि गेस्ट फैकल्टी को अधिकतम करीब ₹25 हजार प्रतिमाह का भुगतान किया जाता है।
वेतन अंतर को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी
इन आंकड़ों को लेकर कॉलेज के कर्मचारियों का कहना है कि उच्च तकनीकी योग्यता रखने वाले और लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के वेतन एवं सेवा लाभों की समीक्षा की आवश्यकता है। उनका कहना है कि शिक्षकों को उनकी योग्यता, पद, अनुभव और लागू नियमों के अनुरूप वेतन एवं सेवा लाभ मिलना चाहिए।
कर्मचारियों का यह भी कहना है कि वेतन एवं सेवा शर्तों से जुड़ी विसंगतियों का सीधा असर शिक्षकों के मनोबल और कार्य परिस्थितियों पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि शिक्षकों को सम्मानजनक और नियमानुसार कार्य वातावरण उपलब्ध कराना किसी भी तकनीकी शिक्षण संस्थान के लिए महत्वपूर्ण है।
17 और 22 सितंबर को सौंपे लिखित अनुरोध
कर्मचारियों के अनुसार इस मामले को लेकर 17 सितंबर और 22 सितंबर को कॉलेज के निदेशक को लिखित अनुरोध सौंपे गए। कर्मचारियों ने हरियाणा वक्फ बोर्ड के सीईओ एवं प्रशासक की मौजूदगी में कॉलेज कर्मचारियों और कॉलेज प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त आधिकारिक बैठक आयोजित करने की मांग की है।
कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने लागू नियमों एवं AICTE के निर्धारित मानकों के अनुसार पद, वेतनमान और सेवा लाभों की समीक्षा करने तथा विसंगतियों को दूर करने की मांग रखी है। हालांकि, कर्मचारियों के मुताबिक अभी तक बैठक को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है।
सरकार से तथ्यात्मक जांच की मांग
कर्मचारियों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कराई जाए और कॉलेज में कार्यरत शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों के पद, योग्यता, नियुक्ति, वेतनमान, सेवा अवधि और सेवा लाभों की नियमानुसार समीक्षा की जाए।
उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर वेतन या सेवा शर्तों में विसंगति पाई जाती है तो उसे दूर किया जाए, ताकि शिक्षक सम्मानजनक परिस्थितियों में काम कर सकें और विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा मिल सके।

About The Author
नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
संबंधित समाचार



