Gurugram News: 18 स्पा सेंटरों पर छापे के बाद कार्रवाई, खेड़कीदौला थाना प्रभारी निलंबित

सफायर-90 मॉल में छापेमारी के दौरान करीब 50 लोग पकड़े गए थे; स्थानीय पुलिस की भूमिका पर उठे सवालों के बाद इंस्पेक्टर रविंदर को पुलिस लाइन भेजा

Desh Rojana
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सेक्टर-90 स्थित सफायर मॉल के 18 स्पा सेंटरों पर हुई छापेमारी के बाद अब कार्रवाई की आंच स्थानीय पुलिस तक पहुंच गई है। मामले में खेड़कीदौला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रविंदर को निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया गया है।

गुरुग्राम: सेक्टर-90 स्थित सफायर मॉल के 18 स्पा सेंटरों पर हुई छापेमारी के बाद अब कार्रवाई की आंच स्थानीय पुलिस तक पहुंच गई है। मामले में खेड़कीदौला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रविंदर को निलंबित कर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। उनकी जगह इंस्पेक्टर विनोद कुमार को नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। एसीपी मानेसर ने थाना प्रभारी के खिलाफ हुई कार्रवाई की पुष्टि की है।

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मामले की शुरुआत हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन को मिली शिकायत से हुई। शिकायत में सफायर-90 मॉल स्थित स्पा सेंटरों में अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की बात कही गई थी। शिकायत के बाद टीम ने मॉल में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 18 स्पा सेंटरों से करीब 50 लोगों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई।

छापे के बाद सबसे बड़ा सवाल- स्थानीय पुलिस को भनक क्यों नहीं लगी?

एक ही मॉल में संचालित 18 स्पा सेंटरों पर एक साथ कार्रवाई और बड़ी संख्या में लोगों के पकड़े जाने के बाद स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे। सवाल यह भी है कि यदि इन प्रतिष्ठानों में लंबे समय से शिकायत के मुताबिक गतिविधियां चल रही थीं तो संबंधित थाना स्तर पर इसकी जानकारी क्यों नहीं पहुंची।

छापेमारी के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर अधिकारियों के स्तर पर भी मंथन शुरू हुआ। सूत्रों के अनुसार, थाना क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी नहीं रख पाने को कार्रवाई की वजह माना गया। इसी के बाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रविंदर को निलंबित कर पुलिस लाइन भेजने का निर्णय लिया गया।

अब नए थाना प्रभारी के सामने निगरानी की चुनौती

इंस्पेक्टर विनोद कुमार को खेड़कीदौला थाने की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद क्षेत्र में संचालित स्पा सेंटरों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की निगरानी व्यवस्था पर फोकस बढ़ने की उम्मीद है। खासतौर पर सफायर-90 मामले के बाद पुलिस के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती होगी कि संवेदनशील गतिविधियों की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई हो।

मामले में आगे की जांच और पुलिस कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित स्पा सेंटरों में कथित गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं, इनके संचालन से जुड़े लोग कौन थे और स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं। फिलहाल थाना प्रभारी पर हुई कार्रवाई ने पूरे मामले में पुलिस की जवाबदेही को केंद्र में ला दिया है।

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