Nuh/Mewat News: नशामुक्त हरियाणा के लिए जनभागीदारी आवश्यक, डॉ. अशोक कुमार वर्मा

अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस पर नशामुक्त समाज का संकल्प -चालकों को बताए नशे के दुष्परिणाम, 1933 पर दें गुप्त सूचना

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अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस के अवसर पर “नशामुक्त एवं स्वस्थ हरियाणा, जहाँ दूध-दही का खाना” के संदेश के साथ हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा नशे के विरुद्ध चलाया जा रहा जनजागरण अभियान निरंतर जन आंदोलन का रूप ले रहा है। नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता के माध्यम से समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने का व्यापक प्रयास किया जा रहा है। 

नूह: अंतरराष्ट्रीय बेटी दिवस के अवसर पर “नशामुक्त एवं स्वस्थ हरियाणा, जहाँ दूध-दही का खाना” के संदेश के साथ हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा नशे के विरुद्ध चलाया जा रहा जनजागरण अभियान निरंतर जन आंदोलन का रूप ले रहा है। नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता के माध्यम से समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने का व्यापक प्रयास किया जा रहा है।

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ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री संजय कुमार, भापुसे के दिशानिर्देशों तथा उप पुलिस महानिरीक्षक सह संयुक्त पुलिस आयुक्त फरीदाबाद श्री राजेंद्र कुमार मीणा, भापुसे के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में निरंतर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा साइकिल से एक जिले से दूसरे जिले में पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

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उन्होंने चालक प्रशिक्षण संस्थान, नूह बस अड्डे पर चालकों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। डॉ. वर्मा ने कहा कि एक सजग चालक के लिए तीन बातें अनिवार्य हैं नींद पूरी हो, क्रोध पर नियंत्रण हो और नशे से सदैव दूरी हो। नशे की स्थिति में वाहन चलाना चालक के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के जीवन के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित मादक पदार्थों का सेवन और उनका अवैध व्यापार व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए विनाशकारी है।

बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए नशामुक्त समाज जरूरी:

अंतर्राष्ट्रीय बेटी दिवस के संदर्भ में डॉ. वर्मा ने कहा कि यह दिवस बेटियों के अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और समान अवसरों के प्रति समाज को जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है। बेटियां परिवार की खुशियों के साथ-साथ समाज और राष्ट्र की अमूल्य शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें सुरक्षित, स्वस्थ और नशामुक्त वातावरण उपलब्ध कराना प्रत्येक परिवार और नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “बेटी बचानी है, बेटी पढ़ानी है और बेटी को नशा मुक्त एवं सुरक्षित वातावरण देना है।” नशे का दुष्प्रभाव केवल नशा करने वाले व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार की खुशियों और बच्चों के भविष्य को भी प्रभावित करता है। इसलिए बेटी दिवस पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि अपने घर और समाज को नशे जैसी बुराई से मुक्त रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। डॉ. वर्मा ने युवाओं, अभिभावकों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे से बचाने में सहयोग करें। नशीले पदार्थों के अवैध सेवन, बिक्री अथवा कारोबार से संबंधित जानकारी राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर दी जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नशे के अवैध कारोबार की सूचना देने में संकोच न करें और समाज को सुरक्षित बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।

हुक्का भी स्वास्थ्य के लिए घातक:

डॉ. वर्मा ने हुक्के को भी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक बताते हुए कहा कि पानी से धुआं गुजरने के कारण हुक्का सुरक्षित हो जाता है, यह धारणा गलत है। हुक्के के धुएं में निकोटीन, कार्बन मोनोऑक्साइड, धातुएं तथा कैंसरकारी रसायन पाए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे को फैशन, मनोरंजन या आधुनिकता का प्रतीक न समझें, बल्कि अपने स्वास्थ्य, परिवार और भविष्य को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि “नशे की सुई को ना और रक्तदान की सुई को हां” का संदेश युवाओं तक पहुंचा समय की आवश्यकता है। स्वस्थ युवा ही स्वस्थ परिवार, सुरक्षित समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव रखते हैं। बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प तभी सार्थक होगा, जब परिवार और समाज नशामुक्त होंगे। डॉ. वर्मा ने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार, विद्यालय, चालक और नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनभागीदारी से ही नशामुक्त हरियाणा के संकल्प को वास्तविक जन आंदोलन में बदला जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित चालकों एवं नागरिकों को नशे से दूर रहने, नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की सूचना देने तथा अपने परिवार और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय सहयोग करने की शपथ दिलाई गई।

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