Faridabad News : उद्यमियों एवं नवप्रवर्तकों हेतु एआई टूल्स पर कार्यशाला

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अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ की Institution’s Innovation Council (IIC) ने एमबीए और एमसीए विद्यार्थियों के लिए एक ज्ञानवर्धक एवं इंटरैक्टिव कार्यशाला “AI Tools for Entrepreneurs / Innovators” का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।

अग्रवाल कॉलेज बल्लभगढ़ की Institution’s Innovation Council (IIC) ने 28 सितंबर 2026 को दोपहर 12:00 बजे एमबीए और एमसीए विद्यार्थियों के लिए एक ज्ञानवर्धक एवं इंटरैक्टिव कार्यशाला “AI Tools for Entrepreneurs / Innovators” का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। cइस सत्र का संचालन अरुण दबराल, Python एवं Machine Learning Trainer, DUCAT फरीदाबाद द्वारा किया गया, जिन्हें प्रशिक्षण और उद्योग अनुप्रयोगों में 8+ वर्षों का अनुभव है।
कार्यशाला का आयोजन चेयरमैन देवेंद्र कुमार गुप्ता, महासचिव दिनेश कुमार गुप्ता, कार्यवाहक प्राचार्य एवं अध्यक्ष IIC डॉ. सी.एस. वशिष्ठ, तथा डॉ. शिल्पा गोयल, उपाध्यक्ष IIC के मार्गदर्शन एवं सहयोग से किया गया। उनके निरंतर सहयोग ने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया और संस्थान के नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने के प्रयासों को सशक्त बनाया। अरुण दबराल एवं सक्षम ने विद्यार्थियों को एआई टूल्स, पायथन अनुप्रयोगों और मशीन लर्निंग तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग पर मूल्यवान जानकारी दी। सत्र ने विद्यार्थियों को यह समझने में मदद की कि किस प्रकार एआई नवाचारी विचारों को सार्थक व्यावसायिक समाधानों में परिवर्तित कर सकता है और युवा मस्तिष्क तकनीक का उपयोग करके स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में अवसर तलाश सकते हैं। कार्यशाला का मुख्य फोकस उद्यमशील मानसिकता का विकास करना और विद्यार्थियों को समस्या समाधान, रचनात्मकता एवं अवसर पहचान में एआई को शामिल करने के लिए प्रेरित करना था। डेमो और इंटरैक्टिव चर्चाओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह समझा कि एआई किस प्रकार नवाचार और उद्यमशील सोच को प्रतिस्पर्धी वातावरण में तेज़ी से आगे बढ़ा सकता है। सत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाकर टिकाऊ उद्यम बनाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। कुल 80 विद्यार्थी (MBA, MCA और BCA) ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी सक्रिय सहभागिता एवं गहरी रुचि से कार्यक्रम को रोचक और समृद्ध बनाया। डॉ. डॉली मंगला, संयोजक IIC ने पूरे कार्यक्रम का संचालन एवं प्रबंधन समर्पण और दक्षता के साथ किया। साथ ही संजनन, समन्वयक, सविता और पूनम शर्मा ने भी कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यशाला का समापन नवाचारी विचारों को पोषित करने, उद्यमशील दृष्टिकोण विकसित करने और उद्यमिता में एआई की परिवर्तनकारी क्षमता को खोजने पर बल देते हुए किया गया।

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