New Delhi News: यासीन मलिक समेत सात को मिली थी पाकिस्तान से फंडिंग
ईडी का आरोप-हवाला से नौ करोड़ रुपये आए, एनआईए कोर्ट बोली- सभी पर तय हों मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
नई दिल्ली की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने यासीन मलिक समेत सात आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत है, जिससे उन पर मजबूत संदेह होता है।
नई दिल्ली: नई दिल्ली की स्पेशल एनआईए कोर्ट ने यासीन मलिक समेत सात आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत है, जिससे उन पर मजबूत संदेह होता है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का आरोप है कि आरोपियों ने पाकिस्तान और अन्य आतंकी संगठनों से हवाला और अलग-अलग माध्यमों से 8.94 करोड़ रुपये लिए। इस रकम को आरोपियों तक पहुंचाई गई।

मलिक के अलावा आरोपियों में जहूर अहमद शाह वटाली, अब्दुल राशिद शेख, शबीर अहमद शाह, नवल किशोर कपूर, ट्रिसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और मसरत आलम भट शामिल हैं। ईडी ने अपराध से अर्जित रकम की जांच के लिए 14 जून 2017 को शिकायत दर्ज की थी। कोर्ट ने एनआईए की दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट का जिक्र करते हुए कहा कि यासीन मलिक को सऊदी अरब से 15.75 लाख रुपये मिले थे। 30 सितंबर को सुरक्षा कारणों से कुछ आरोपियों को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।
ईडी के मुताबिक, यासीन मलिक जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का प्रमुख था। संगठन 1990 के दशक से जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और हिंसा में शामिल रहा है। जहूर अहमद शाह वटाली के यहां से जब्त दस्तावेजों में विदेशी फंडिंग की जानकारी मिली थी। इनके मुताबिक, वित्त वर्ष 2015-16 में जहर अहमद शाह वटाली के जरिए यासीन मलिक, शबीर अहमद शाह और मसरत आलम को विदेशी रकम मिली थी।

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