Nuh Mewat News: मेवली में राशन डिपो होल्डर पर मनमानी के गंभीर आरोप, गरीब कार्ड धारकों को राशन के लिए लगाने पड़ रहे चक्कर
कम राशन देने, पुराने कांटे से तुलाई करने, पर्ची के बावजूद राशन नहीं देने और धमकी व गाली-गलौज करने का आरोप
जिला के गांव मेवली इन दिनों राशन डिपो होल्डर पर कार्ड धारकों को पूरा राशन नहीं देने और अपनी मनमर्जी से राशन वितरित करने के गंभीर आरोप ग्रामीणों ने लगाए हैं।
नूंह: जिला के गांव मेवली इन दिनों राशन डिपो होल्डर पर कार्ड धारकों को पूरा राशन नहीं देने और अपनी मनमर्जी से राशन वितरित करने के गंभीर आरोप ग्रामीणों ने लगाए हैं।
ग्रामीण इलियास, असगर, मुश्ताक सलमान, तालीम, शेर खान व जाहिर हुसैन ने बताया कि डिपो होल्डर रीनू रानी के नाम पर है, जबकि राशन से संबंधित कार्य उनके पति सोनू द्वारा किए जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रीनू रानी स्वयं राशन वितरण संबंधी कार्य नहीं करतीं और डिपो का संचालन सोनू द्वारा किया जाता है।

ग्रामीणों के अनुसार, कुछ कार्ड धारकों को पिछले महीने का राशन नहीं दिया गया। उन्हें पर्ची देकर कहा गया कि अगले महीने राशन ले लेना, लेकिन अब पर्ची लेकर पहुंचने पर भी पिछले महीने का राशन नहीं दिया जा रहा है। इस महीने भी कुछ कार्ड धारकों को तेल और चीनी नहीं मिलने तथा कुछ लोगों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिए जाने का आरोप है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राशन की तुलाई सही कांटे से होनी चाहिए, लेकिन पुराने तोल-बट और कांटे से तुलाई कर कम राशन दिया जाता है। ग्रामीणों का दावा है कि हर महीने प्रति राशन कार्ड करीब पांच किलो तक राशन कम किया जाता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राशन डिपो से अलग जाकर मशीन और कांटा ले जाकर पर्ची निकाली गई। इसके बाद कार्ड धारकों को राशन लेने के लिए डिपो पर भेजा गया, जहां पुराने कांटे से तुलाई कर कथित तौर पर कम राशन दिया गया। ग्रामीणों ने डिपो होल्डर सोनू पर धमकाने और गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया। उनके अनुसार विरोध करने पर कथित तौर पर कहा जाता है कि “जो तेरे पास होता है, वह कर लो, मैं तो ऐसे ही करूंगा।” ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवारों को डराया-धमकाया जाता है, जबकि दबंग लोगों को राशन आसानी से मिल जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि महीने के अंतिम दिनों में कुछ लोगों को राशन दिया जाता है, जबकि कई गरीब परिवार वंचित रह जाते हैं और राशन के लिए बार-बार डिपो के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से मशीन की पर्चियों, राशन रिकॉर्ड, तुलाई व्यवस्था और पिछले महीने की पर्चियों की जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। इस बारे में सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी रोहितन बताया कि ग्रामीणों की शिकायत मिली है इसके आधार पर मौके का मुआयना कर जांच की जाएगी।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।



