Palwal News : सरकार और शिक्षा विभाग की नियत तबादला करने की नहीं है : गीतेश कुमार

Desh Rojana
On

डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर एसोसिएशन के जिला प्रधान गीतेश कुमार जिला एवं राज्य सचिव वेदपाल जिला उप प्रधान वीर सिंह सौरोत ऑडिटर सुरेंद्र कुमार एवं कोषाध्यक्ष नरेश कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए शिक्षा विभाग हरियाणा पर आरोप लगाया कि सरकार और शिक्षा विभाग की नियत तबादला करने की नहीं है।

पलवल : डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर एसोसिएशन के जिला प्रधान गीतेश कुमार जिला एवं राज्य सचिव वेदपाल जिला उप प्रधान वीर सिंह सौरोत ऑडिटर सुरेंद्र कुमार एवं कोषाध्यक्ष नरेश कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए शिक्षा विभाग हरियाणा पर आरोप लगाया कि सरकार और शिक्षा विभाग की नियत तबादला करने की नहीं है। aa

इसलिए उन्होंने तबादला नीति को इतना अव्यावहारिक बना दिया है कि लोग न्यायालय में जाने को मजबूर हो जाएं। ऐसा लगता है कि तबादले न करने पड़ें, इसीलिए तबादला नीति में यह गड़बड़ जानबूझकर की गई है। 2016 में श्री पीके दास अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा विभाग थे, उनके नेतृत्व में जो तबादले हुए,उसमें 90% अध्यापक खुश थे। क्योंकि उन्होंने संगठनों से राय  करके तबादला नीति को अमली जामा पहनाया था। 2026 की जो तबादला नीति है वह एक तरफा है। संगठनों से कोई बातचीत नहीं की गई। यह जबरदस्त थोपी जा रही है। इससे तो यही लगता है कि सरकार तबादले करना ही नहीं चाहती।

इस तबदला नीति में विभाग ने दोहरा चरित्र अपनाया है। एक तरफ तो अनुभव के अंक कैडर आधार पर जोड़े जा रहे हैं। दूसरी ओर स्कूल का जो स्टे है वह लेंथ आफ सर्विस के अनुसार जोड़ा जा रहा है। अध्यापक को सभी जगह लेंथ आफ सर्विस का  लाभ दिया जाता है। यहां जो विभाग ने कैडर का आधार बनाया है, वह बिल्कुल निंदनीय है। डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर एसोसिएशन की तरफ से हम इसका घोर विरोध करते हैं। अगर एक अध्यापक अब 55 साल की उम्र में पदोन्नत हो गया तो उसके अनुभव के अंक शून्य मिलेंगे। इस प्रकार उसे बुढ़ापे में घर से सैकड़ो किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा जो उसके साथ बहुत बड़े अन्याय है।

गीतेश कुमार ने कहा कि डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर एसोसिएशन मांग करता है की लेंथ आफ सर्विस के अंक अध्यापकों को दिए जाएं न कि कैडर के,क्योंकि यह बिल्कुल भी व्यावहारिक व न्याय संगत नहीं है और गैर संवैधानिक है। कपल केस के अंकों में भी एकल अध्यापक के साथ अन्याय किया गया है। जो पुरानी व्यवस्था थी, वही लागू करनी चाहिए। ऐसा लगता है कि अधिकारियों ने यह पॉलिसी अपने निजी हित के लिए बनाई है। अपने परिवार को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई है इसमें आम अध्यापक का कोई ध्यान नहीं रखा गया है। संगठन ने मांग की कि तबादला नीति को दुरुस्त करते हुए तुरंत तबादले किए जाएं। इस मौके पर यशपाल पाराशर,गोपाल शर्मा,महेंद्र, शिवदयाल,नरवीर सैनी,सुलक्षणा रेखा सैनी,धर्मेंद्र,अनिल शर्मा, प्रेमराज,प्रकाश बघेल आदि अध्यापक नेता मौजूद रहे।

Desh Rojana Hiring Ad

About The Author

संबंधित समाचार

Desh Rojana Hiring Ad