Nuh Mewat News: 6 साल बाद खुली नगीना-तिजारा सड़क की राह, तकनीकी सर्वे रिपोर्ट से निर्माण को मिली गति

हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को मिलेगा बेहतर सड़क संपर्क, धार्मिक पर्यटन, व्यापार और परिवहन को होगा बड़ा लाभ

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नूंह हरियाणा के नोटकी (नगीना) से राजस्थान के तिजारा तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क परियोजना एक बार फिर गति पकड़ती दिखाई दे रही है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), कुरुक्षेत्र के सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने प्रस्तावित सड़क मार्ग का भू-वैज्ञानिक एवं भू-तकनीकी अध्ययन पूरा कर 102 पृष्ठों की विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग (बीएंडआर), नूंह को सौंप दी है।

मेवात। नूंह हरियाणा के नोटकी (नगीना) से राजस्थान के तिजारा तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क परियोजना एक बार फिर गति पकड़ती दिखाई दे रही है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), कुरुक्षेत्र के सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने प्रस्तावित सड़क मार्ग का भू-वैज्ञानिक एवं भू-तकनीकी अध्ययन पूरा कर 102 पृष्ठों की विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग (बीएंडआर), नूंह को सौंप दी है। मुख्यमंत्री घोषणा संख्या-10775 के अंतर्गत तैयार की गई इस रिपोर्ट के बाद परियोजना के निर्माण की दिशा में तेजी आने की उम्मीद है। rasta
 
लोक निर्माण विभाग नूंह के कार्यकारी अभियंता प्रदीप सिंह सिंधु ने बताया कि विभाग को सर्वे रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। इस संबंध में चंडीगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी संपन्न हुई है। उन्होंने कहा कि अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।मेवात आरटीआई मंच के निदेशक एवं वरिष्ठ समाजसेवी राजुद्दीन ने कहा कि यह सड़क हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन को नया आयाम देगी। साथ ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के मरोड़ा कट से जुड़ने पर उद्योग, कृषि, व्यापार और माल परिवहन को भी व्यापक लाभ मिलेगा।राज्य पुरस्कार विजेता एवं मौजी फाउंडेशन की संयोजक सबीला जंग ने कहा कि यह सड़क भगवान दिगंबर जैन के प्राचीन मंदिर, भगवान श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन-मथुरा तथा विश्व प्रसिद्ध ताजमहल तक पहुंच को अधिक सुगम बनाएगी। उन्होंने बताया कि होडल, पुन्हाना, पिनगवां, नगीना और तिजारा क्षेत्र के लगभग 20 हजार ट्रक चालक भी इस मार्ग से सीधे लाभान्वित होंगे।
 
गौरतलब है कि इस सड़क की घोषणा वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा की गई थी। इसके बावजूद परियोजना वर्षों तक अधूरी रही। मेवात आरटीआई मंच और मौजी फाउंडेशन ने लंबे समय तक धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन, जन हस्ताक्षर अभियान और जनआंदोलन चलाकर इस मांग को जीवित रखा। अब सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद क्षेत्रवासियों को विश्वास है कि जल्द ही डीपीआर, टेंडर और निर्माण कार्य शुरू होकर यह बहुप्रतीक्षित परियोजना साकार होगी।
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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्‍स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।

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