Palwal News : संयुक्त किसान मोर्चा का यमुना नदी से हरियाणा के हिस्से के पानी को राजस्थान को देने के केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल

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संयुक्त किसान मोर्चा पलवल ने यमुना नदी से हरियाणा के हिस्से के पानी को राजस्थान को देने के केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि दक्षिणी हरियाणा के पलवल, फरीदाबाद, गुरूग्राम, नूंह जिलों में पहले से ही पानी की कमी है काफ़ी क्षेत्र के अन्दर सिंचाई व्यवस्था नहीं है जिस कारण किसानों को काफी कठिनाई उठानी पड़ती है और आर्थिक हानि होती है उपर से सरकार का यह फैसला क्षेत्र के किसानों के लिए और परेशानी पैदा करेगा।

पलवल। संयुक्त किसान मोर्चा पलवल ने यमुना नदी से हरियाणा के हिस्से के पानी को राजस्थान को देने के केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि दक्षिणी हरियाणा के पलवल, फरीदाबाद, गुरूग्राम, नूंह जिलों में पहले से ही पानी की कमी है काफ़ी क्षेत्र के अन्दर सिंचाई व्यवस्था नहीं है जिस कारण किसानों को काफी कठिनाई उठानी पड़ती है और आर्थिक हानि होती है उपर से सरकार का यह फैसला क्षेत्र के किसानों के लिए और परेशानी पैदा करेगा। aसंयुक्त किसान मोर्चा पलवल के नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान, धर्म चन्द, उदय सिंह सरपंच ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि दशकों से सतलुज यमुना लिंक नहर का समझौता लंबित है केंद्र सरकार ने इस समझौते को लागू करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किये जबकि 12 वर्ष से केंद्र के अंदर भाजपा गठबंधन की सरकार है और पंजाब में भी एक समय अकाली दल और भाजपा गठबंधन की सरकार रही है हरियाणा के किसानों के लिए सतलुज यमुना लिंक नहर का समझौता बहुत ही महत्वपूर्ण है परंतु केंद्र और राज्य सरकारों ने सतलुज यमुना लिंक नहर के समझौते को लागू करवाने के कोई गम्भीर प्रयास नहीं किये जिस कारण हरियाणा के बड़े हिस्से में सिंचाई की व्यवस्था नहीं हो पाई,उपर से सरकार ने यमुना के पानी को राजस्थान देने का समझौता करा दिया। संयुक्त किसान मोर्चा केंद्र और हरियाणा सरकार से मांग करता है कि इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और दशकों से लंबित सतलुज यमुना लिंक नहर समझौते को लागू कराया जाए ताकि हरियाणा के किसानों को सिंचाई के लिए उचित मात्रा में पानी मिल सके।

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