Nuh Mewat news: नूंह पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर क्राइम पर कसा शिकंजा, प्रतिविम्ब अलर्ट में 52.9% की भारी गिरावट
नूंह पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक मिसाल पेश की है। साइबर क्राइम टास्क फोर्स की सख्त निगरानी और तकनीक आधारित कार्रवाई के चलते जनपद में सक्रिय प्रतिविम्ब (Pratibimb) अलर्ट में मार्च से जून 2026 तक 52.9 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
नूंह। नूंह पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक मिसाल पेश की है। साइबर क्राइम टास्क फोर्स की सख्त निगरानी और तकनीक आधारित कार्रवाई के चलते जनपद में सक्रिय प्रतिविम्ब (Pratibimb) अलर्ट में मार्च से जून 2026 तक 52.9 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। यह उपलब्धि जिले में साइबर अपराध नियंत्रण की दिशा में एक मजबूत और प्रभावी पहल मानी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन, आईपीएस के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशि शेखर, आईपीएस के निकट पर्यवेक्षण में गठित साइबर क्राइम टास्क फोर्स लगातार प्रतिविम्ब पोर्टल पर प्राप्त अलर्ट्स की मॉनिटरिंग कर रही है। हर अलर्ट का त्वरित सत्यापन, मौके पर कार्रवाई, खुफिया इनपुट के आधार पर अभियान और सतत फॉलो-अप इस सफलता की मुख्य वजह बने हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2026 में सक्रिय अलर्ट्स में पिछले माह के मुकाबले 21.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इसके बाद मई 2026 में 24.8 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि जून 2026 (27 जून तक) में भी 20.2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इन निरंतर प्रयासों का ही परिणाम है कि मार्च 2026 की तुलना में जून 2026 तक कुल सक्रिय अलर्ट्स में 52.9 प्रतिशत की बड़ी गिरावट सामने आई है।
सिर्फ अलर्ट्स में कमी ही नहीं, बल्कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में भी उल्लेखनीय तेजी आई है। अप्रैल से जून 2026 की अवधि की तुलना जनवरी से मार्च 2026 से करने पर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां सामने आई हैं। इस दौरान दर्ज एफआईआर में 82.69 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो यह दर्शाती है कि पुलिस अब हर मामले को गंभीरता से दर्ज कर रही है।
इसी तरह गिरफ्तारी के मामलों में 56.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो बताती है कि साइबर अपराधियों को पकड़ने में पुलिस की कार्रवाई तेज और प्रभावी हुई है। वहीं, जब्त किए गए सिम कार्ड्स में 137.8 प्रतिशत और मोबाइल फोनों की जब्ती में 139.68 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे साफ है कि पुलिस अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में जुटी है।
पुलिस कप्तान डॉ अर्पित जैन के अनुसार, साइबर क्राइम टास्क फोर्स प्रतिविम्ब पोर्टल पर प्राप्त हर एक्शन योग्य सूचना पर लगातार नजर रख रही है, ताकि कोई भी इनपुट बिना कार्रवाई के न रहे। तकनीक आधारित पुलिसिंग, खुफिया तंत्र की मजबूती और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय के चलते यह संभव हो पाया है। उनका कहना है कि भविष्य में भी साइबर अपराधियों के खिलाफ इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा। आमजन को भी जागरूक करने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि लोग ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी से बच सकें।
कुल मिलाकर, नूंह पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ साइबर अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि आम जनता के लिए भरोसे की एक बड़ी पहल भी है कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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