Palwal News : केंद्र सरकार ने स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की ‘नया सफर’ योजना : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक ‘नया सफर’ योजना शुरू की गई है।

पलवल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक ‘नया सफर’ योजना शुरू की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले बीएस-4 ट्रकों और बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) से बदलना है, जिससे ट्रक और बस मालिकों को लाभ होगा। ‘नया सफर’ योजना को लेकर भारत सरकार के सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से उपायुक्तों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। d

उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने वीसी उपरांत संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में सचिव आरटीए जितेंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का वित्तपोषण आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) द्वारा किया जाएगा और इसका कार्यान्वयन सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा किया जाएगा। हरियाणा सरकार की ओर से ‘नया सफर’ योजना के तहत टैक्स छूट, ब्याज सबवेंशन, फ्यूल वाउचर और रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी जैसे बड़े प्रोत्साहन दिए जाएंगे, जिससे हरियाणा में आर्थिक लाभ के साथ-साथ पर्यावरणीय सुधार भी होगा।

उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत उन ट्रकों और बसों के मालिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा जो बीएस-4 या उससे पहले के उत्सर्जन मानकों का पालन करते हैं, ताकि वे उन्हें बीएस-6 या उससे भी सख्त उत्सर्जन मानकों का पालन करने वाले वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल सकें। स्वच्छ परिवहन प्रौद्योगिकियों की ओर बदलाव को गति देकर इस योजना से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आने और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बीएस-3 या उससे पुराने वाहनों के लिए पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाओं पर स्क्रैप कराना अनिवार्य है, जबकि बीएस-4 वाहनों को एनसीआर के बाहर गैर-एनसीएपी शहरों/कस्बों में स्क्रैप या बेचा जा सकता है। इसके बाद मालिकों को एनसीआर के भीतर बीएस-6 या उससे भी सख्त मानकों के अनुरूप या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना और पंजीकृत कराना होगा। दिल्ली में हालांकि इस योजना के तहत खरीदे गए हल्के मालवाहक वाहन इलेक्ट्रिक होने चाहिए, जबकि बसें केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक होनी चाहिए। सरकारी वाहन इस योजना से बाहर हैं।

उपायुक्त ने बताया कि योजना के तहत केंद्र सरकार पांच साल के लिए ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, वाहन की श्रेणी के आधार पर 4,800 रुपये तक के मासिक ईंधन वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने या जमा प्रमाणपत्र के व्यापार के लिए एकमुश्त लाभ प्रदान करेगी। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को वाहन की केटेगरी अनुसार 64 हजार से लेकर 2.56 लाख तक का एकमुश्त प्रोत्साहन भी मिलेगा। इसके अलावा वाहन निर्माता कंपनियां नए वाहनों की खरीद पर 8 प्रतिशत तक की अतिरिक्त छूट देंगी। सरकार  का मानना है कि योजना से वाहन बिक्री, ऑटोमोबाइल उद्योग और परिवहन क्षेत्र को नई गति मिलेगी तथा रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी।

उपायुक्त ने बताया कि इस योजना के तहत बीएस-4 और उससे पुराने ट्रकों एवं बसों को हटाकर बीएस-6, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार योजना से प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र वाहन मालिकों को नए बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन (एमवी) टैक्स छूट, 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क माफी, 5 प्रतिशत ब्याज सबवेंशन तथा पांच वर्षों तक फ्यूल वाउचर की सुविधा दी जाएगी।

‘नया सफर’ पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा योजना का संचालन : उपायुक्त
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने स्पष्टï किया कि योजना का लाभ केवल उन ट्रक और बस मालिकों को मिलेगा जिनके वाहन एनसीआर में पंजीकृत हैं और बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों के हैं। बीएस-3 और उससे पुराने वाहनों को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों पर स्क्रैप करना अनिवार्य होगा, जबकि बीएस-4 वाहनों को स्क्रैप करने या एनसीआर से बाहर गैर-एनसीएपी क्षेत्रों में बेचने का विकल्प दिया गया है। योजना का संचालन पूरी तरह डिजिटल ‘नया सफर’ पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा, जिससे लाभार्थी अपनी पात्रता, सबवेंशन और फ्यूल वाउचर की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे।

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