Gulha cheeka news: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में शहीद ऊधम सिंह चौक पर किसानों का जोरदार प्रदर्शन

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आज यहां भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी)की स्थानीय इकाई ने भारत अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में शहीद उधम ङ्क्षसह चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसका नेतृत्व भाकियू के जिला उपप्रधान केवल सिंह सदरेहड़ी ने किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि उक्त डील का देश के करोड़ों किसानों, पशुपालकों व डेयरी व्यवसायियों की आजीविका पर पड़ेगा बुरा असर पड़ेगा और वे बरबाद हो जाएंगे।

गुहला चीका: आज यहां भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी)की स्थानीय इकाई ने भारत अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में शहीद उधम ङ्क्षसह चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया, जिसका नेतृत्व भाकियू के जिला उपप्रधान केवल सिंह सदरेहड़ी ने किया। इस अवसर पर अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि उक्त डील का देश के करोड़ों किसानों, पशुपालकों व डेयरी व्यवसायियों की आजीविका पर पड़ेगा बुरा असर पड़ेगा और वे बरबाद हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि  भारत-अमरीका ट्रेड डील को लेकर सामने आ रही जानकारियां किसानों की चिंताओं को बढ़ा रही हैं।

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ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन करते हुए भाकियू कार्यकर्ता।

 

किसान नेता ने बताया कि फरवरी 2025 से भारत और अमरीका के बीच व्यापार वार्ताओं का दौर जारी है और अब यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और किसान संगठनों को आशंका है कि इस समझौते के तहत कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र में विदेशी उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलने का दबाव बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि देश का किसान पहले ही बढ़ती उत्पादन लागत, मौसम की अनिश्चितताओं और बाजार में मूल्य अस्थिरता समस्याओं से जूझ रहा है, ऐसे में यदि विदेशों के सस्ते कृषि और डेयरी उत्पाद बड़ी मात्रा में भारतीय बाजार में आते हैं, तो स्थानीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय प्रभावित होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आज किए गए विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य यह है कि केंद्र सरकार पर किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि अगर कृषि क्षेत्र को इस मुक्त व्यापार समझौते में शामिल किया जाता है, तो इसके परिणाम भारत में रहने वाले किसानों के लिए बेहद ही घातक साबित होंगे। उन्होंने कहा कि देश की जनता को शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं की लूट से बचाने के लिए इन्हें मुक्त किया जाए और किसानों को एमएसपी पर अपनी फसल बेचने की कानूनी गारंटी दी जाए। किसान नेता ने कहा कि भारत में आज स्थिति यह बनी हुई है कि अमीर, अमीर होता जा रहा है और गरीब गरीब होता जा रहा है, जिसके चलते हम सभी को मिलकर देश की जनता को बचाने के लिए जनक्रांति  लाने की जरूरत है। उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार से मांग की कि सरकार को अमेरिका भारत ट्रेड डील तुरंत रद्द करनी चाहिए क्योंकि इस डील से छोटी छोटी जोत वाले किसान अमेरिका के कई कई हजार एकड़ वाले किसानों से मुकाबला नहीं कर सकते, जिससे भारत की खेती बर्बाद होगी और लगभग 14.5 परिवारों की आजीविका छिन्न जाएगी, जिससे वे बेरोजगार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही खेती कारोबार से जुड़े हुए धंधे जैसे मंडियां, मजदूर, कृषि उद्योग और छोटे कारोबार तबाह हो जाएंगे और देश की रीढ़ माने जाने वाली खेती पर बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का कब्जा हो जाएगा तथा आपदा आने पर अन्तर्राष्ट्रीय कम्पनियां व अमेरिका जैसे देश नाजायज फायदा उठाते हुए भारत को भुखमरी में धकेल देंगे। उन्होंने कहा कि यह ट्रेड डील किसी भी प्रकार से भारत की जनता के फायदे में नहीं है नतीजतन इसे तुरंत रोक देना चाहिए। इस अवसर पर जरनैल ङ्क्षसह, गुरपाल गगड़पुर, बालकरण सदरेहड़ी, गुरबचन लद्दा, पाला राम भागल, सुभाष व मीठा ङ्क्षसह आदि कई अन्य स्थानीय नेता व कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।

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