Tawdu Nuh news: तावडू के पांच आंगनवाड़ी केंद्र बनेंगे मॉडल केंद्र, एसडीएम जितेंद्र गर्ग ने किया निरीक्षण
बाल विकास एवं पोषण सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से तावडू क्षेत्र के पांच आंगनवाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में मंगलवार को उपमंडल अधिकारी (नागरिक) तावडू जितेंद्र गर्ग ने प्रस्तावित आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं आवश्यक सुधार कार्यों का जायजा लिया।
तावडू: बाल विकास एवं पोषण सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से तावडू क्षेत्र के पांच आंगनवाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में मंगलवार को उपमंडल अधिकारी (नागरिक) तावडू जितेंद्र गर्ग ने प्रस्तावित आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं आवश्यक सुधार कार्यों का जायजा लिया।

जानकारी देते हुए गर्ग ने बताया कि तावडू क्षेत्र में कुल 183 आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हैं। इनमें से जोरासी, मोहम्मदपुर, पाड़ा, पचगांव तथा सुनारी स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के निर्देशानुसार इन केंद्रों की वर्तमान स्थिति का आकलन किया जा रहा है, ताकि इन्हें आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान केंद्रों में पेयजल, विद्युत आपूर्ति, भवन की स्थिति, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, बच्चों के लिए खेल सामग्री, खेल क्षेत्र तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता का मूल्यांकन किया गया। साथ ही यह भी जांचा गया कि संबंधित केंद्र स्वयं के भवनों में संचालित हैं अथवा किराये के भवनों में।
उपमंडल अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी केंद्रों में उपलब्ध संसाधनों एवं आवश्यकताओं का विस्तृत विवरण तैयार किया जाए, ताकि मॉडल केंद्रों के विकास की कार्ययोजना प्रभावी ढंग से बनाई जा सके। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान चिन्हित कमियों एवं आवश्यक सुधार कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजी जाएगी।
जितेंद्र गर्ग ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर एवं आकर्षक वातावरण उपलब्ध कराने वाले केंद्रों के रूप में विकसित करना है। मॉडल आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, बेहतर पोषण सेवाएं, सुरक्षित वातावरण तथा आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बाल एवं मातृ कल्याण सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और इनके सुदृढ़ीकरण से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जा सकेगा।

About The Author
संबंधित समाचार



