Palwal News : सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर कृषि विभाग ने चलाया प्राकृतिक खेती जागरूकता अभियान
गांव रजोलका, भैंडोली और फुलवाड़ी में आयोजित कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए किसानों को किया प्रेरित
पलवल। केंद्र एवं प्रदेश सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल द्वारा गत 12 जून से 20 जून 2026 तक जिले के विभिन्न गांवों में प्राकृतिक खेती विषय पर किसान जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।
पलवल। केंद्र एवं प्रदेश सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पलवल द्वारा गत 12 जून से 20 जून 2026 तक जिले के विभिन्न गांवों में प्राकृतिक खेती विषय पर किसान जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा सरकार द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना रहा।
कृषि उप निदेशक डॉ. बाबूलाल के मार्गदर्शन में शनिवार को गांव रजोलका, भैंडोली और फुलवाड़ी में आयोजित इ कार्यक्रमों में किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया तथा खेती की लागत कम करने, भूमि की उर्वरता बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर कृषि विशेषज्ञों से संवाद किया और खेती से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
कृषि उप निदेशक डॉ. बाबूलाल ने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक एकड़ या उससे अधिक क्षेत्र में प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को देसी गाय की खरीद पर 30 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। इसके अतिरिक्त जीवामृत एवं बीजामृत तैयार करने के लिए आवश्यक चार प्लास्टिक ड्रमों की खरीद पर 3 हजार रुपए का अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों का संबंधित योजना में पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।
डॉ. बाबूलाल ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग भविष्य में भी गांव स्तर पर इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें तथा टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने किसानों से सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने और प्राकृतिक खेती की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया।
सहायक तकनीकी प्रबंधक अतुल शर्मा ने कार्यक्रमों के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि विभाग किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती न केवल उत्पादन लागत को कम करती है, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार लाकर दीर्घकालीन कृषि विकास का मार्ग भी प्रशस्त करती है। उन्होंने किसानों को जीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट नियंत्रण तकनीकों तथा जैविक खादों के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने खाद एवं उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर बल देते हुए कहा कि यह कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए भी आवश्यक है। कार्यक्रमों के दौरान विभागीय अधिकारियों ने किसानों को सरकार की विभिन्न योजनाओं, अनुदान सुविधाओं एवं कृषि विकास कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रदान की। किसानों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपनी जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के समक्ष रखीं, जिनका मौके पर समाधान किया गया।

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