Faridabad News: जनभागीदारी से ही संभव है नशा मुक्त भारत का सपना : डॉ. मनसुख मांडविया
प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का शुभारंभ
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” के शुभारंभ अवसर पर कहा कि यह अभियान विकसित भारत के निर्माण की दिशा में युवा शक्ति को संगठित करने वाला एक ऐतिहासिक जन आंदोलन है।
फरीदाबाद। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” के शुभारंभ अवसर पर कहा कि यह अभियान विकसित भारत के निर्माण की दिशा में युवा शक्ति को संगठित करने वाला एक ऐतिहासिक जन आंदोलन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले से रखी गई विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में देश के स्वस्थ, सशक्त और जागरूक युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” का शुभारंभ किया। देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 01 करोड़ से अधिक युवा इस कार्यक्रम में एक साथ जुड़े और नशामुक्ति की शपथ ली। जिला फरीदाबाद में अमृता हॉस्पिटल में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की।
डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण करते हैं। प्रधानमंत्री ने अमृतकाल में युवाओं को राष्ट्र निर्माण का सारथी बताया है और उनकी आकांक्षाओं, विचारों, सेवाभाव तथा नेतृत्व क्षमता को दिशा देने के उद्देश्य से माई भारत की स्थापना की गई। आज यह मंच 2.24 करोड़ से अधिक युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्ष 2020 में नशा मुक्त भारत का जो संकल्प व्यक्त किया था, उसे आगे बढ़ाने के लिए माई भारत युवा संगठन ने देशभर के आध्यात्मिक संगठनों, युवा विंग्स और नशा मुक्ति से जुड़े विशेषज्ञों के साथ मिलकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की। इसी क्रम में पिछले वर्ष वाराणसी में आयोजित आध्यात्मिक युवा सम्मेलन में दो दिवसीय विचार-विमर्श के बाद आगामी 100 सप्ताह की कार्ययोजना तैयार की गई, जिसे “काशी आध्यात्मिक समिट घोषणा पत्र” का स्वरूप दिया गया।
डॉ. मनसुख मांडविया ने बताया कि अभियान से देशभर के प्रतिष्ठित आध्यात्मिक संगठन जुड़ रहे हैं। माता अमृतानंदमयी मठ, आर्ट ऑफ लिविंग सहित अनेक संस्थाओं के संत, गुरु और आध्यात्मिक मार्गदर्शक युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में एक करोड़ से अधिक युवाओं ने नशा मुक्त भारत के लिए संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान, फिट इंडिया मूवमेंट और अन्य जन अभियानों ने यह सिद्ध किया है कि स्पष्ट नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और जनभागीदारी के साथ असंभव लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। उसी विश्वास के साथ देश का युवा वर्ग नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर कर खेल, सेवा, नवाचार, स्वयंसेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा, संतों एवं आध्यात्मिक गुरुओं के आशीर्वाद तथा करोड़ों युवाओं के सामूहिक संकल्प के बल पर नशा मुक्त भारत और विकसित भारत का लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा। अंत में उन्होंने सभी संत-महात्माओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, युवा स्वयंसेवकों और नागरिकों से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं को सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करने का आह्वान किया।
युवा कार्य विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने कहा कि “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” युवाओं को नशे से दूर कर राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला एक व्यापक जन आंदोलन है। उन्होंने बताया कि मेरा भारत मंच से लगभग 2.5 करोड़ युवा जुड़े हैं और वाराणसी में आयोजित स्पिरिचुअल समिट के माध्यम से विभिन्न आध्यात्मिक संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और युवा स्वयंसेवकों के सहयोग से देशभर में संकल्प और प्लेज अभियान चलाया जा रहा है तथा 26 जून से स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थानों में हजारों युवाओं ने नशा मुक्त भारत का संकल्प लिया है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से युवाओं को नशे से दूर रखने और अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
अतिरिक्त सचिव नितेश कुमार मिश्रा ने कहा कि “नशा मुक्त युवा और विकसित भारत संकल्प अभियान” युवाओं को सकारात्मक दिशा देने, नशे के विरुद्ध जनजागरण बढ़ाने और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने की ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद तथा संत-महात्माओं और आध्यात्मिक संगठनों की सहभागिता से अभियान को व्यापक सामाजिक स्वरूप मिला है।
उन्होंने बताया कि करोड़ों युवा वर्चुअल और प्रत्यक्ष रूप से नशा मुक्त भारत का संकल्प ले रहे हैं और माई भारत से जुड़े लगभग 2.5 करोड़ युवा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या का समाधान केवल कानून से नहीं, बल्कि जागरूकता, नैतिक मूल्यों, परिवार, समाज और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से संभव है। उन्होंने डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान युवाओं को सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करेगा।
अमृता अस्पताल के प्रशासनिक निदेशक स्वामी निजामृतानंद पुरी ने युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के सभी वर्गों से नशे के विरुद्ध एकजुट होकर अभियान चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल स्वास्थ्य नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य के लिए गंभीर संकट है। उन्होंने कहा कि नशे की शुरुआत छोटी आदतों से होती है, जो धीरे-धीरे व्यक्ति की विवेक शक्ति और नैतिक निर्णय क्षमता को कमजोर कर देती है। उन्होंने परिवारों, विद्यालयों और सामाजिक संस्थाओं से युवाओं को जागरूक कर नशे से दूर रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के नेतृत्व में चल रहे नशा मुक्ति अभियान सराहनीय हैं। उनके अनुसार सामूहिक प्रयासों से ही नशा मुक्त भारत का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। इस अवसर पर एडीसी अंजलि श्रोत्रिया, सीटीएम अंकित कुमार, डीआईपीआरओ मूर्ति दलाल, जिला युवा अधिकारी प्रियंका सहित अन्य कार्य गणमान्य व्यक्तिगण मौजूद रहे।




