मोदी सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को दिया सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार : कृष्ण पाल गुर्जर
केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने किया ESIC के नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच अभियान का पैन-इंडिया शुभारंभ
भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत ESIC द्वारा आयोजित नि:शुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम के पैन-इंडिया शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि श्रमिक देश की प्रगति का आधार हैं और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
फरीदाबाद। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत ESIC द्वारा आयोजित नि:शुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम के पैन-इंडिया शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि श्रमिक देश की प्रगति का आधार हैं और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे स्वस्थ रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।

केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि “पहला सुख निरोगी काया” की भावना के तहत ईएसआईसी ने 40 वर्ष से अधिक आयु के कामगारों के लिए विशेष वार्षिक स्वास्थ्य जांच अभियान शुरू किया है। इसके अंतर्गत सीबीसी, एलएफटी, केएफटी, टीएसएच, ब्लड शुगर, ईसीजी और चेस्ट एक्स-रे जैसी महत्वपूर्ण जांचें निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि समय पर बीमारियों की पहचान से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रमिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना और ई-श्रम पोर्टल के माध्यम से श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के पहले ही दिन 400 से अधिक बीमाकृत व्यक्तियों ने पंजीकरण कर स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए क्षेत्रीय कार्यालय हरियाणा द्वारा ऐसी व्यवस्था की गई है कि प्रतिदिन कम-से-कम 300 बीमाकृत व्यक्ति स्वास्थ्य जांच करा सकें। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में सामाजिक सुरक्षा के दायरे में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बीमित व्यक्तियों की संख्या 2 करोड़ से बढ़कर 4 करोड़ हो गई है तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का कवरेज 19 प्रतिशत से बढ़कर 64 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि चारों श्रम संहिताओं से पारदर्शिता, जवाबदेही और समावेशिता सुनिश्चित हुई है तथा पुरुषों और महिलाओं के लिए समान वेतन एवं जोखिमपूर्ण कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए ईएसआईसी कवरेज सुनिश्चित किया गया है।
हरियाणा के पूर्व गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने वर्चुअल माध्यम से इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से श्रमिकों के हित में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम नहीं, बल्कि श्रमिकों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तें संहिता 2020” के तहत श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। 40 वर्ष से अधिक आयु के बीमित श्रमिकों के लिए लिपिड प्रोफाइल, थायरॉइड, किडनी, लिवर, ब्लड शुगर और ईसीजी जैसी जांचें निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य “स्वस्थ श्रमिक, सुरक्षित परिवार” सुनिश्चित करना है।
इस अवसर पर एनआईटी फरीदाबाद के विधायक सतीश फागना, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के डीन चवण कालीदास, पार्षद गायत्री देवी, चिकित्सकगण, श्रमिक तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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