पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में जिला पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है इसी कड़ी में सीआईए धारूहेड़ा इंचार्ज निरीक्षक योगेश हुड्डा की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग आठ साल पुराने ब्लाइंड मर्डर का राज खोल दिया है।
रेवाड़ी: पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में जिला पुलिस लगातार अपराधियों पर शिकंजा कस रही है इसी कड़ी में सीआईए धारूहेड़ा इंचार्ज निरीक्षक योगेश हुड्डा की टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग आठ साल पुराने ब्लाइंड मर्डर का राज खोल दिया है। पुलिस ने इस मामले में शामिल तीन आरोपियों में से मुख्य आरोपी को अवैध हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया है। इस आरोपी की पहचान गांव खुर्मपुर निवासी सोमबीर के रूप में हुई। प्रेसवार्ता में मुंह ढांपे आरोपी पुलिस टीम की गिरफ्त में।बुधवार को डीएसपी बावल सुरेंद्र श्योराण ने पत्रकार वार्ता में बताया कि गत 5 मई को सीआईए धारूहेड़ा को सूचना मिली थी कि गढ़ी बोलनी रोड़ पर रेलवे पुल के नीचे एक व्यक्ति अवैध हथियार के साथ घूम रहा है। इस सूचना के आधार पर सीआईए टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, मगर टीम ने उसको पीछा कर पकड़ लिया। तलाशी लेने पर पुलिस को इसके कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा और एक जिंदा रौंद बरामद हुआ। आरोपी ने पूछताछ में उसने अपनी पहचान गांव खुर्मपुर निवासी सोमबीर के रूप में बताई। इस संबंध में पुलिस ने थाना कसौला में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस द्वारा जब आरोपी सोमबीर से अवैध हथियार के स्रोत के बारे में सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने दिसंबर 2018 में अपने ही गांव के रतनलाल की हत्या का खुलासा किया। इस आरोपी ने बताया कि उसके दोस्त सुनील का गांव के ही एक अन्य व्यक्ति से जमीनी विवाद था, जिसको लेकर उनके खिलाफ थाना बावल में हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज था। सुनील के घर के ठीक सामने मृतक रतनलाल का घर था। आरोपियों को शक था कि रतनलाल उनके विरोधियों को सूचनाएं लीक करता है।
डीएसपी बावल सुरेन्द्र श्योराण ने बताया कि इसी रंजिश के चलते सोमबीर, सुनील और उसके साथी मंजीत ने मिलकर 26 दिसंबर 2018 की रात रतनलाल के घर पर उसके साथ मारपीट की और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि लगभग 45 वर्षीय रतनलाल गांव में ही सफाई कर्मचारी का काम करता था। वह अपने परिवार में अकेला था और 27 दिसंबर 2018 की सुबह उसकी चचेरे भाई प्यारेलाल को मृत अवस्था में चारपाई पर मिला था। डीएसपी बावल सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि आरोपी सोमबीर को अब थाना बावल में 2018 में दर्ज इस हत्या के मामले में भी शामिल तफ्तीश (अनुसंधान) किया जाएगा। पुलिस रिमांड के दौरान हत्या में शामिल उसके अन्य साथियों की गिरफ्तारी और अवैध हथियार के सप्लायर का पता लगाने के लिए गहन पूछताछ की जाएगी।