दहेज शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई होगी, एसडीएम को करें रिपोर्ट: डीसी आयुष सिन्हा

स्कूल-कॉलेजों में नुक्कड़ नाटक, पेंटिग व रैलियों से दहेज प्रथा के दुष्परिणामों के बारे में आमजन को करें जागरूक

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हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के प्रभावी क्रियान्वयन, मामलों की समीक्षा तथा जन-जागरूकता गतिविधियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सभी जिला उपायुक्तों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिशा-निर्देश दिए।

फरीदाबाद।हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के प्रभावी क्रियान्वयन, मामलों की समीक्षा तथा जन-जागरूकता गतिविधियों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सभी जिला उपायुक्तों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला के उपमंडल में दहेज से संबंधित मामलों की नियमित रूप से मासिक अथवा द्विमासिक बैठक कर समीक्षा की जाए, जिसमें लंबित मामलों, गवाहों की स्थिति तथा जांच की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हो।

विडियों कान्फ्रेंस ने उपरान्त उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने निर्देश दिए कि दहेज से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत संबंधित उपमंडल अधिकारी (एसडीएम), जो कि दहेज निषेध अधिकारी (Dowry Prohibition Officers) के रूप में कार्यरत हैं, को दी जा सकती है और उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।PN_4डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि जिले में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्वयं सहायता समूहों तथा गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। नुक्कड़ नाटक, रैलियां, सेमिनार तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से दहेज प्रथा के दुष्परिणामों के बारे में आमजन को जागरूक किया जाएगा।
डीसी आयुष सिन्हा ने जिला स्तर पर दहेज निषेध अधिनियम से संबंधित मामलों की प्रभावी निगरानी, जागरूकता गतिविधियों के विस्तार तथा उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत की जाने वाली मासिक अनुपालना रिपोर्ट को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दहेज से संबंधित विवादों की अनुपालना रिपोर्ट प्रत्येक माह तैयार कर उच्च स्तर पर भेजी जानी है, जिसके लिए सभी विभाग समन्वय स्थापित कर व्यवस्थित कार्य प्रणाली अपनाएं।
डीसी आयुष सिन्हा ने निर्देश दिए कि अनुपालना रिपोर्ट को दो प्रमुख भागों में तैयार किया जाए। प्रथम भाग में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम (SC/ST Act) के अंतर्गत शिकायतों एवं उनकी सुनवाई (Complaint Sitting) से संबंधित विवरण शामिल किया जाए, जबकि द्वितीय भाग में जिले में आयोजित जागरूकता गतिविधियों (IEC Activities) का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर स्कूलों, विशेषकर बालिका विद्यालयों एवं कॉलेजों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित करवाई जाएं।

डीसी ने निर्देश दिए कि इस विषय पर संबंधित डीसीपी के साथ नियमित बैठक आयोजित कर मामलों की समीक्षा की जाए तथा लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्तर पर सख्ती के साथ-साथ समाज में जागरूकता बढ़ाना भी अत्यंत आवश्यक है, जिससे दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सके।

बैठक में बड़खल एसडीएम त्रिलोक चंद, फरीदाबाद एसडीएम डॉ हनी बंसल, बल्लभगढ़ एसडीएम मयंक भारद्वाज, सीटीएम अंकित कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी मीनाक्षी चौधरी, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक सहित अन्य सम्बंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।

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