पलवल जोगी नाथ समाज ने निकाली महायोगी गुरु गोरक्षनाथ जी की भव्य शोभा यात्रा
पलवल में जोगी समाज द्वारा महायोगी गुरु गोरखनाथ जी की भव्य शोभा यात्रा हुड्डा चौक पलवल से बांसमोहल्ला गोगा जी की प्राचीन मेंढी तक निकाली गई। यात्रा
पलवल में जोगी समाज द्वारा महायोगी गुरु गोरखनाथ जी की भव्य शोभा यात्रा हुड्डा चौक पलवल से बांसमोहल्ला गोगा जी की प्राचीन मेंढी तक निकाली गई।
यात्रा का संयोजन समस्त जोगी समाज ने मिलकर किया जिसमें जोगी समाज पलवल के प्रधान अनिल जोगी, डॉ मंगल जोगी, रामबीर जोगी, प्रदीप जोगी, होडल से लक्ष्मण जोगी, राजू जोगी मनोनीत पार्षद, मास्टर अनुज, चांट गांव से मास्टर बलजीत, नरेश, घोड़ी गांव से करण मास्टर जी, रोनिजा से तेजराम, गांव सोहन्द से भूदेव, तुमसरा से युधिष्ठिर नंबरदार, अलावालपुर से एडवोकेट सुरेंदर, रवि, गांव - कोंडल से जयभागवान, गेलपुर से विनोद जोगी, हथीन से विजय प्रधान जी और उनकी टीम, बहरोला से राजा जोगी, चेतन जोगी व उनकी टीम और विभिन्न गांवो टहरकी से पतराम सरपंच जी, प्रहलाद डागर जी, मण्डकोला से बंटी, जे पी जोगी, रायदासका से संतोष इंजीनियर व विभिन्न वार्डों से जोगी समाज के युवा व गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
यात्रा का प्रारम्भ हरियाणा राज्य खेल मंत्री श्री गौरव गौतम की माता श्रीमती रत्ना देवी जी ने दीप प्रज्ज्वलन कर महायोगी गुरु गोरक्ष नाथ जी के जयकारे के साथ किया। और गुरु गोरक्षनाथ जी के प्रति उनकी श्रद्धा और समर्पण इतना था कि वह यात्रा समापन तक उपस्थित रहीं व यात्रा समापन स्थल पर ख़डी महिलाओं के बीच जाकर यात्रा का स्वागत कराया। अमित जोगी बढराम ने शोभा यात्रा के लिए अन्य जिलों से आये अतिथियों का फूल माला व भगवा पटका पहनाकर आदर सत्कार किया।
फरीदाबाद से भूपराम जोगी, एडवोकेट वीरेंदर जी, प्रहलाद जोगी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल रहे।
जोगी समाज पलवल के स्कॉलर कहे जाने वाले अखिल भारतवर्षीय जोगी नाथ समाज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेंदर जोगी से बातचीत में उन्होंने बताया की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज को गुरु गोरक्षनाथ जी की शिक्षाओं, ज्ञान, ध्यान, योग दर्शन आदि से अवगत कराना और उनका प्रचार प्रसार कराना था, उन्होंने बताया की गोरक्ष नाथ ही वह संत हैं जिन्होंने सर्वप्रथम विश्व को योग से परिचित कराया। योग की अनेकों ऐसी विधाएं जिनके द्वारा आत्मा का परमात्मा से मिलन किया जाता है, जिनमें हठ योग, कुंडली जागरण आज भी आम लोगों की समझ से परे है। वह ऐसे महान संत रहे जिन्होने केवल एक नहीं विश्व कल्याण के लिए अनेकों क्षेत्रों में कार्य किया। उनके द्वारा दिए गए सिद्ध मन्त्र आज भी नासा जैसी एजेंसी के लिए एक पहेली बने हुए हैँ। हिन्दू समाज को एक सूत्र में पिरोने के साथ साथ गौ रक्षक के रूप भी गोरख़नाथ जी को जाना जाता है।
जितेंदर जोगी ने जोगी समाज के युवाओं को भी आव्हान करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को गुरु जी के दिखाए हुए मार्ग पर चलकर उनकी शिक्षाओं को अपने जीवन में ग्रहण करने की आवश्यकता है। क्योंकि आज युवा थोड़ा भटक गया है, गोरखपंथी कभी भी मद, मांस, मदिरा का भक्षण नहीं करता है वह न ही किसी की परनिंदा करता है इसलिए इन सबका त्याग कर गुरु के सच्चे अनुयायी बने। और समाज में फैली कुरीतियों से बचने का प्रयास करें।




