शहरी निकायों की आय बढ़ाने को नगर निगम फरीदाबाद में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम “नगर निकायों के स्वयं के राजस्व स्रोतों के सुदृढ़ीकरण एवं संसाधन जुटाने” विषय पर आधारित था, जिसका आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के सेंटर फॉर अर्बन स्टडीज़ द्वारा हरियाणा सरकार एवं नगर निगम फरीदाबाद के सहयोग से किया गया।
फरीदाबाद,।
शहरी निकायों की आय बढ़ाने एवं वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को लेकर नगर निगम फरीदाबाद में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम “नगर निकायों के स्वयं के राजस्व स्रोतों के सुदृढ़ीकरण एवं संसाधन जुटाने” विषय पर आधारित था, जिसका आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के सेंटर फॉर अर्बन स्टडीज़ द्वारा हरियाणा सरकार एवं नगर निगम फरीदाबाद के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम में शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने, नगर निगम की आय के स्रोतों में वृद्धि करने तथा उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि बेहतर शहरी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर निकायों के स्वयं के राजस्व स्रोतों को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नगर निगम के राजस्व स्रोतों में मौजूद कमियों की पहचान, वित्तीय स्थिति के विश्लेषण तथा सेवाओं के संदर्भ में संसाधनों की भूमिका को समझाने संबंधी जानकारी दी गई। इसके अलावा नवाचार आधारित संसाधन जुटाने, बजटिंग, ऑडिटिंग एवं एसेट मैनेजमेंट को राजस्व वृद्धि के महत्वपूर्ण साधनों के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में प्रॉपर्टी टैक्स की कवरेज, दरों एवं लीकेज, गैर-कर राजस्व के स्रोत, बजटिंग एवं अकाउंटिंग, इनोवेटिव एसेट मैनेजमेंट, सर्कुलर वाटर इकॉनमी तथा नवाचार आधारित राजस्व संग्रह जैसे विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण एवं समूह चर्चा आयोजित की गई।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा के दिशा-निर्देशों पर आयोजित इस कार्यक्रम में एडिशनल कमिश्नर सलोनी शर्मा, एडिशनल कमिश्नर गौरव अंतिल, वित्तीय नियंत्रक प्रदीप पूनिया, सभी क्षेत्रीय एवं कर अधिकारी, निगम सचिव डॉ. नीतीश परवाल, इंजीनियर, प्लानर सहित फरीदाबाद जिले के विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सहभागितापूर्ण तरीके से प्रस्तुतियों, केस स्टडी, अभ्यास एवं समूह चर्चाओं के माध्यम से संचालित किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रशिक्षण में सहभागिता के लिए प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।




