सरकार कर्मचारियों की मांगें यूनियन नेताओं से बातचीत करके जल्द करे पूरा: पवन शर्मा

अग्रिशमन कर्मचारियों की हड़ताल 21वें दिन में कर गई प्रवेश

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नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन कर्मचारी संघ द्वारा घोषित की गई प्रदेशव्यापी हड़ताल 21वें दिन में प्रवेश कर गई है।

गुहला चीका। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन कर्मचारी संघ द्वारा घोषित की गई प्रदेशव्यापी हड़ताल 21वें दिन में प्रवेश कर गई है।आज हड़ताल की अध्यक्षता पिरथी राम ने की और मंच का संचालन अमर सिंह ने किया। दूसरे दिन क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठने वाले कर्मचारियों में चिंतो देवी, सरबजीत, पिरथी राम और अमर सिंह शामिल थे, जिन्हें सर्व कर्मचारी संघ इकाई के स्थानीय प्रधान पवन शर्मा ने माला पहना कर भूख हड़ताल पर बिठाया।

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दूसरे दिन क्रमिक भूखहड़ताल पर बैठे अग्रिशमन विभाग के कर्मचारी।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश के अग्निशमन विभाग के नियमित व अनियमित दमकल कर्मचारियों की हड़ताल 8 अप्रैल से चल रही है, जिस पर सम्बन्धित मंत्री बार बार ब्यान दे रहे हैं कि हड़ताल के बावजूद विभाग का कार्य बहुत अच्छे ढंग से चल रहा है, लोगों को गुमराह करने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार सच्चाई यह है कि प्रदेश के 103 दमकल केंद्रों पर कुल 3158 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में 2208 कर्मियों में से कुल 568 कर्मचारी ही ड्यूटी पर हैं, जबकि 1648 दमकल कर्मचारी हड़ताल पर हैं। ऐसे में जब भीषण गर्मी के मौसम में हर जिले में प्रतिदिन 30 से 40 आगजनी की घटनाएं सामने आ रही हैं और आमजन को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, तब विभाग के सुचारू रूप से चलने का दावा वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज करने वाला है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा मंत्री द्वारा फरीदाबाद में शहीद हुए दमकल कर्मचारियों के परिवारों को उचित मुआवजा देने का बयान भी भेदभावपूर्ण प्रतीत होता है, क्योंकि इसी अग्निकांड और सूरजकुंड मेले में शहीद हुए पुलिस कर्मचारियों को तो सरकार द्वारा शहीद का दर्जा, आश्रितों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को पक्की सरकारी नौकरी का लाभ दिया गया, परंतु सरकार द्वारा अग्रिशमन कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया गया। उन्होंने सवाल किया कि सरकार बताए कि ऐसे में दमकल कर्मचारियों के साथ यह भेदभाव और अन्याय क्यों किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों का समाधान करने के बजाय मंत्री अब हड़ताली कर्मचारियों को धमकी देने पर उतर आए हैं, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए, उतनी ही कम है। शर्र्मा ने कहा कि हड़ताली दमकल कर्मचारियों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और जब तक उनकी न्यायोचित मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक वे एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे। साथ ही उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज कुछ गोदी मानसिकता वाले दलाल संगठन कर्मचारियों के नाम पर राजनीति करते हुए फूल-मालाएं डालकर उत्सव मना रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि प्रदेश का कच्चा कर्मचारी लंबे समय से अपने हकों के लिए दर-दर भटकता फिर रहा है और प्रदेश का मजदूर वर्ग काम के घंटों व न्यूनतम वेतनमान के लिए सड़कों पर लाठियां खाकर संघर्ष कर रहा है नतीजतन ऐसे हालात में यह दिखावटी उत्सव कर्मचारियों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। उन्होंने कहा कि समय रहते प्रदेश के सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए व समान काम समान वेतन लागू करना चाहिए। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों की जितनी भी मांगे हैं, सरकार को उन्हें वार्ता के माध्यम से पूरा करना चाहिए। इस अवसर पर जगबीर मान, गुरदीप, पालो, पिंकी, संतोष,  कुसुम. गुरमीत व प्रेमो आदि कर्मचारियों ने भी भाग लिया।

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