पश्चिम बंगाल के अंतिम फेस के चुनाम में आज 142 सीटों पर होगा मतदान, क्या TMC के इस अभेद्य किला को ध्वस्त कर पाएगी BJP .
"गढ़ बनाम चुनौती" के इस जंग में कौन होगा विजेता, बीजेपी या टीएमसी ?
बंगाल विधानसभा चुनाव में आज दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग है। इस चरण में पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों में 142 सीटों पर इस चरण में वोट डाले जाएंगे। अंतिम चरण सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि ‘गढ़ बनाम चुनौती’ की सीधी लड़ाई बन चुका है। बंगाल की राजनीति में लंबे समय से यह धारणा रही है कि सत्ता का रास्ता दक्षिणी जिलों के घनी आबादी वाले मैदानी इलाकों से होकर गुजरता है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में आज दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग है। इस चरण में पश्चिम बंगाल की कुल 294 सीटों में 142 सीटों पर इस चरण में वोट डाले जाएंगे। अंतिम चरण सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि ‘गढ़ बनाम चुनौती’ की सीधी लड़ाई बन चुका है। बंगाल की राजनीति में लंबे समय से यह धारणा रही है कि सत्ता का रास्ता दक्षिणी जिलों के घनी आबादी वाले मैदानी इलाकों से होकर गुजरता है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 अब अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान के बाद आज दूसरे चरण में जिन 142 सीटों पर वोटिंग होनी है, वही असल मायनों में सत्ता की दिशा तय कर सकती हैं। खास बात यह है कि ये सभी सीटें दक्षिण बंगाल के उन इलाकों में हैं, जिन्हें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का अभेद्य किला माना जाता रहा है। वहीं भाजपा इस किला को भेदने में पूरी ताकत झोंक चुकी है। अब जनता तय करेगी कि आज का चुनाव किस पार्टी के लिए गेम चेंजर होता है। यहां बता दें कि 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने इन 142 सीटों में से 123 पर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा को 18 सीटें ही मिली थीं और आईएसएफ को 1 सीट मिली थी।
पश्चिम बंगाल की दशा और दिशा तय करने में यह अंतिम चरण सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि ‘गढ़ बनाम चुनौती’ की सीधी लड़ाई बन छुअक है। बंगाल की राजनीति में लंबे समय से यह धारणा रही है कि सत्ता का रास्ता दक्षिणी जिलों के घनी आबादी वाले मैदानी इलाकों से होकर गुजरता है। उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जैसे बड़े जिले इस समीकरण के केंद्र में हैं। 33 सीटों वाला उत्तर 24 परगना और 31 सीटों वाला दक्षिण 24 परगना, कोलकाता (11 सीट) और हावड़ा (16 सीट) मिलकर कुल 91 सीटों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो विधानसभा की कुल 294 सीटों का लगभग एक तिहाई हिस्सा को छूता है। यही वजह है कि राजनीतिक के जानकार इन इलाकों को ‘किंगमेकर’ मानते हैं।

आपको बता दें कि पहले चरण में 152 सीटों पर हुए रिकॉर्ड मतदान हुआ था। जिसमे महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। करीब 93.% मतदान के बाद भाजपा ने दावा किया कि जनता ने बदलाव के पक्ष में वोट किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यहां तक कहा कि उनकी पार्टी पहले चरण में 110 से ज्यादा सीटें जीत सकती है। दूसरे चरण की ये 142 सीटें चुनाव का टर्निंग पॉइंट मानी जा रही हैं। अगर टीएमसी अपने गढ़ को बचाने में सफल रहती है, तो भाजपा के लिए सत्ता तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाएगा। वहीं तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि पहले फेज में तृणमूल 152 सीटों में सेंचुरी पार कर चुकी है। दूसरे चरण में डबल सेंचुरी पार करेंगे।
आज 29 अप्रैल को होने वाला मतदान ही सत्ता का रास्ता तय करता हुआ दिखेगा। आज जिसके पक्ष में मतदान होंगे, उसे ही सत्ता का साथ मिलेगा, वरना निराशा ही हाथ लगेगी। अब किसे मिलेगी सत्ता और कौन रह जायेगा सस्ता इस सवाल का जवाब तो 4 मई को मिलेगा

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