जल संचय जनभागीदारी 2.0 अभियान के तहत जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के लिए निरंतर करें प्रयास : उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ

उपायुक्त ने निर्देशों के अनुरूप अधिकारियों को समन्वय के साथ जागरूकता बढ़ाने के दिए निर्देश

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जल संचय जनभागीदारी 2.0 अभियान के अंतर्गत केंद्रीय सचिव वी.एल. कांता राव ने मंगलवार को ओवर-स्ट्रेस्ड जिलों की प्रगति हेतु वीसी के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

पलवल: जल संचय जनभागीदारी 2.0 अभियान के अंतर्गत केंद्रीय सचिव वी.एल. कांता राव ने मंगलवार को ओवर-स्ट्रेस्ड जिलों की प्रगति हेतु वीसी के माध्यम से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। वीसी के दौरान जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, तालाबों के पुनर्जीवन तथा भूजल स्तर सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विशेष जोर दिया गया।02
केंद्रीय सचिव वी.एल. कांता राव ने देश के ओवर-स्ट्रेस्ड जिलो के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर जल संरचनाओं की पहचान कर उनके संरक्षण व पुनस्र्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
वीसी के उपरांत उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि जल संचय जनभागीदारी 2.0 के तहत जल संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। गिरता हुआ भूजल स्तर चिंता का विषय है और इसे गंभीरता से लेते हुए सभी विभागों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि अटल भूजल योजना के तहत जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और इस दिशा में बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जाएं।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि आमजन की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि लोग पानी के महत्व को समझें और उसके संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उपायुक्त ने कहा कि जल बचाना हम सभी का कर्तव्य है, ताकि आने वाली पीढिय़ों के लिए पर्याप्त जल संसाधन सुरक्षित रखे जा सकें।
वीसी में इस बात पर भी जोर दिया गया कि किसानों को लगातार जागरूक किया जाए और उन्हें जल संरक्षण की आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी दी जाए। उपायुक्त ने कहा कि कृषि क्षेत्र में जल के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है, ताकि भूजल स्तर को स्थिर रखा जा सके।
उपायुक्त ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी तालमेल और समन्वय के साथ कार्य करें तथा जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि सभी विभाग मिलकर प्रयास करें तो निश्चित रूप से जिले में जल संरक्षण के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे जल संचय जनभागीदारी 2.0 अभियान के तहत जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने के लिए निरंतर प्रयास करें और अधिक से अधिक लोगों को इसके प्रति जागरूक बनाएं।
इस अवसर पर नगराधीश प्रीति रावत, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता मोहित वशिष्ठ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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