नूंह कंज्यूमर कोर्ट बना आम लोगों के लिए आसान न्याय का जरिया : वाहन, बाइक और इलेक्ट्रॉनिक मामलों में उपभोक्ताओं को राहत, उपभोक्ताओं को मिल रहा त्वरित न्याय, बढ़ा भरोसा।
उपभोक्ताओं को सस्ता, सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित कंज्यूमर कोर्ट अब लोगों के लिए प्रभावी न्याय का माध्यम बनता जा रहा है। नूंह स्थित कंज्यूमर कोर्ट द्वारा हाल के दिनों में दर्जनों मामलों का निपटारा करते हुए पीड़ित उपभोक्ताओं को समय पर मुआवजा दिलाया गया है, जिससे आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।
नूंह। उपभोक्ताओं को सस्ता, सरल और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित कंज्यूमर कोर्ट अब लोगों के लिए प्रभावी न्याय का माध्यम बनता जा रहा है। नूंह स्थित कंज्यूमर कोर्ट द्वारा हाल के दिनों में दर्जनों मामलों का निपटारा करते हुए पीड़ित उपभोक्ताओं को समय पर मुआवजा दिलाया गया है, जिससे आमजन में न्याय व्यवस्था के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ है।
ऐसा ही एक मामला सिंगार निवासी आस मोहम्मद का सामने आया, जिन्होंने सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुई अपनी गाड़ी को लेकर कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने तथ्यों के आधार पर फैसला सुनाते हुए वादी के पक्ष में निर्णय दिया और संबंधित पक्ष को 34 लाख रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए। इस फैसले ने यह साबित किया कि उपभोक्ता अपने अधिकारों के लिए कानूनी मंच का सहारा लेकर न्याय प्राप्त कर सकते हैं।
इसी प्रकार नूंह निवासी नासिर ने एक नामी बाइक कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा बाइक में आई तकनीकी खराबी को ठीक नहीं किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कंपनी को जिम्मेदार मानते हुए वादी को 1 लाख 19 हजार रुपये तथा 10 हजार रुपये अतिरिक्त कानूनी खर्च के रूप में देने का आदेश दिया।
एक अन्य मामले में परमानंद को भी कंज्यूमर कोर्ट से राहत मिली, जहां उन्हें 8 लाख 50 हजार रुपये की मुआवजा राशि प्रदान की गई। वहीं फिरोजपुर झिरका निवासी इमरान ने खराब लैपटॉप को लेकर शिकायत दर्ज करवाई थी। सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम ने इमरान के पक्ष में फैसला देते हुए उन्हें 67 हजार रुपये का मुआवजा दिलवाया।
इन मामलों से स्पष्ट है कि कंज्यूमर कोर्ट उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां कम खर्च में और कम समय में न्याय मिलना संभव हो रहा है, जिससे आम लोगों को राहत मिल रही है। कंज्यूमर कोर्ट के इन फैसलों ने यह संदेश भी दिया है कि यदि किसी उपभोक्ता के साथ अन्याय होता है, तो वह बिना हिचकिचाहट अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा सकता है और न्याय प्राप्त कर सकता है। साथ ही जानकारों का मानना है कि जागरूकता बढ़ने के साथ भविष्य में और अधिक लोग इस व्यवस्था का लाभ उठाएंगे।

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नीलोफर हाशमी, देश रोजाना ऑनलाइन में सीनियर पत्रकार हैं। वे करंट अफेयर्स, ह्यूमन नेचर, सोशल और पॉलिटिक्स से जुड़ी खबरें बनाती हैं। मीडिया में नीलोफर को सालों का अनुभव है।
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