हज 2026 यात्रियों पर बढ़ा बोझ, ₹10,000 अतिरिक्त किराया जमा कराने का निर्देश
केंद्रीय हज कमेटी (Haj Committee of India) ने हज 2026 पर जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ा फैसला लिया है।
नई दिल्ली/मुंबई: केंद्रीय हज कमेटी (Haj Committee of India) ने हज 2026 पर जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। जारी सर्कुलर के अनुसार, सभी हज यात्रियों को हवाई किराये में बढ़ोतरी के चलते ₹10,000 अतिरिक्त राशि जमा करानी होगी।
जानकारी के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे हालात और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण एयरलाइंस ने किराया बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद Ministry of Minority Affairs ने एकमुश्त संशोधन को मंजूरी दी है।
सर्कुलर में बताया गया है कि प्रति यात्री करीब 100 अमेरिकी डॉलर अतिरिक्त भार आएगा, जिसे यात्रियों को खुद वहन करना होगा। सभी यात्रियों को यह ₹10,000 की राशि 15 मई 2026 तक जमा करानी अनिवार्य होगी।

भुगतान की सुविधा ऑनलाइन (हज कमेटी की वेबसाइट या ऐप) और ऑफलाइन (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया या यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं) के माध्यम से उपलब्ध रहेगी। प्रत्येक यात्री को भुगतान के दौरान बैंक रेफरेंस नंबर का उल्लेख करना जरूरी होगा।
हज कमेटी ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की हज समितियों को निर्देश दिए हैं कि वे संबंधित यात्रियों को तुरंत सूचित करें और समय पर राशि जमा कराना सुनिश्चित करें।
इस फैसले से हज यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा, हालांकि प्रशासन का कहना है कि यह फैसला परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है।
कांग्रेस के राज्य सभा सांसद इमरान प्रताप गढ़ी ने हज कमेटी पर आरोप लगाया कि हज यात्रियों से इस तरह यात्रा से बिल्कुल पहले ₹10,000 की जबरन वसूली करना सरासर नाइंसाफ़ी है। जब पूरा किराया पहले से तय था, तो आख़िरी वक़्त में यह इज़ाफ़ा क्यों किया गया ? कम से कम हज कमेटी के ज़रिये पवित्र यात्रा पर हज करने जा रहे भारतीयों से इस तरह से वसूली ना की जाये।

About The Author
संबंधित समाचार



