शहरी विकास विभाग के मुख्य सलाहकार डीएस ढेसी ने मानसून की तैयारियों की समीक्षा की

मानसून में चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर तैनात होंगी क्यूआरटी -- जलभराव से किसी भी तरह की परेशानी बर्दाश्त नहीं -- न्यू गुरुग्राम मे माइक्रो एसटीपी विकसित किए जाएंगे

Desh Rojana
On

मानसून के दौरान शहर को जलभराव से निजात के लिए शासन और प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की जा रही है। इस बार जलभराव की नौबत ना आए, ऐसे हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

गुरुग्राम। मानसून के दौरान शहर को जलभराव से निजात के लिए शासन और प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की जा रही है। इस बार जलभराव की नौबत ना आए, ऐसे हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। यही कारण है कि लगातार जलभराव से निपटने की तैयारियों के साथ उनकी समीक्षा भी की जा रही है। खुद मुख्यमंत्री नायब सैनी से लेकर सरकार के सीनियर मंत्री और प्रशासनिक आला अधिकारी तैयारियों के साथ समीक्षा कर रहे हैं। इसी कड़ी में शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी की अध्यक्षता मे गुरुग्राम की 9वीं जिला समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने चल रही आधारभूत परियोजनाओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों की विस्तार से समीक्षा की। साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय और कार्यों को समय पर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक में जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. सी. मीणा, डीसी उत्तम सिंह, एमसीजी आयुक्त प्रदीप दहिया, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, एमसीएम आयुक्त प्रदीप सिंह सहित जीएमडीए, एमसीजी, एमसीएम, एनएचएआई, एचएसपीसीबी और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।IMG-20260430-WA0030

मानसून में जलभराव प्रबंधन हो बेहतर 
डीएस ढेसी ने कहा कि हाल ही में बाढ़ प्रबंधन को लेकर हुई समीक्षा बैठकों और मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार मानसून के दौरान जलभराव से निपटने के लिए पूरी तैयारी और तुरंत कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) तैनात की जाए और उन्हें हर समय अलर्ट रखा जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई हो सके। सुभाष चौक, राजीव चौक, शीतला माता मंदिर रोड और सिग्नेचर टावर जैसे प्रमुख स्थानों पर विशेष चर्चा करते हुए पर्याप्त स्टाफ, पंपिंग मशीनें और जरूरी उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को चौबीसों घंटे तैयार रहने के लिए कहा गया, ताकि भारी बारिश के दौरान आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।

ड्रेनेज कार्यों और विशेष सुधार कार्यों की समीक्षा
जीएमडीए के सीईओ ने बताया कि सेक्टर 32-38 मास्टर रोड से बादशाहपुर ड्रेन की ओर वर्षा जल की सही निकासी सुनिश्चित करने के लिए ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पास स्टॉर्म वॉटर ड्रेन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इससे मेदांता रोड पर जलभराव की समस्या में काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
इसी तरह नरसिंहपुर क्षेत्र में भी जल निकासी को मजबूत करने के लिए कार्य जारी हैं, ताकि इस स्थान पर बार-बार होने वाली समस्या का समाधान किया जा सके।
सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) के संबंध में बताया गया कि घाटा से वाटिका चौक तक का वर्षा जल बादशाहपुर (कोस्ट) नाले में डाला जाएगा, जबकि वाटिका चौक से एनएच-48 तक के क्षेत्र का पानी लेग-4 ड्रेन में भेजा जाएगा, ताकि सड़क पर पानी जमा न हो।
इसके अलावा बड़े स्तर पर नालों की सफाई, रोड गलियों और वॉटर ट्रैप के निर्माण का काम भी किया जा रहा है, ताकि वर्षा जल की निकासी तेजी से हो सके।
 ढेसी ने एमसीजी आयुक्त को निर्देश दिए कि बारिश के समय तुरंत मौके पर कार्रवाई के लिए मोबाइल टीमें महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात रहें।

सेक्टर 81 से 115 में सीवरेज प्रबंधन पर फोकस
बैठक में सेक्टर 81 से 115 तक मास्टर सीवर नेटवर्क के उपयोग की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि लगभग 68 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है और केवल करीब 2 किलोमीटर का काम बाकी है।
इस नेटवर्क को अधिक प्रभावी बनाने और विकेंद्रीकृत सीवरेज प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए डी. एस. ढेसी ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में माइक्रो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) विकसित करने के निर्देश दिए।
इसके तहत एमसीएम, एमसीजी और जीएमडीए, एचएसवीपी द्वारा चिन्हित स्थानों पर एक-एक माइक्रो एसटीपी का निर्माण करेंगे।
सभी संबंधित विभागों को 10 दिन के भीतर टेंडर जारी करने और काम जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए।

बड़े एसटीपी के जरिए सीवरेज व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा
जीएमडीए ने बताया कि सेक्टर-107 में 100 एमएलडी क्षमता के एसटीपी के निर्माण के लिए 10 मई तक टेंडर जारी किया जाएगा, जबकि नौरंगपुर में 40 एमएलडी एसटीपी के लिए टेंडर इसी सप्ताह जारी होने की संभावना है।
इन परियोजनाओं से न्यू गुरुग्राम के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में सीवरेज ट्रीटमेंट क्षमता बढ़ेगी और सीवरेज निकासी से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा।
इसके अलावा मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के पास अंडरपास निर्माण के लिए अगले एक महीने में टेंडर जारी किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी।

Desh Rojana Hiring Ad

About The Author

संबंधित समाचार

Desh Rojana Hiring Ad