उफ ये गर्मी! चीका शहर में गर्मी का पारा पहुंचा 41 डिग्री के पार.... गर्मी से बचने के लिए यदि प्यास न भी हो तो भी पानी पीएं : डा. बंसल
गुहला चीका में मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ और पूरी तरह से गर्माता दिखाई दे रहा है। हालात यह बन गए हैं कि चिलचिलाती गर्मी ने अभी से कहर बरपाना शुरू कर दिया है।
गुहला चीका। गुहला चीका में मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ और पूरी तरह से गर्माता दिखाई दे रहा है। हालात यह बन गए हैं कि चिलचिलाती गर्मी ने अभी से कहर बरपाना शुरू कर दिया है और अभी तो अप्रैल का महीना भी खत्म नहीं हुआ है। सूर्य देवता प्रकट होते ही आग बरसाना शुरू कर देते हैं। आज दोपहर का तापमान 41 डिग्री को पार कर गया। भीषण लू के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आमतौर पर जून में महसूस होने वाली तेज गर्मी अभी अप्रैल में ही महसूस की जा रही है। तापमान में कोई राहत न मिलने के कारण, रातें भी लगातार गर्म होती जा रही हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग नींबू पानी, लस्सी और छाछ का सहारा ले रहे हैं। हैरत वाली बात यह है कि जब अप्रैल में ही तापमान 41 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, तो इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में गर्मी का क्या रुख रहेगा।
नतीजतन लू के और तेज होने की उम्मीद है, जिससे जनता को काफी परेशानी हो सकती है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण, लोग अब केवल जरूरी कामों के लिए ही अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, दिन के समय सड़कों और बाजारों में एक अजीब सी खामोशी देखी जा सकती है। गर्मी से निपटने के लिए, लोग नींबू पानी, ठंडे पेय और सादा पानी ज्यादा मात्रा में पी रहे हैं। यहां ताजा स्थिति यह है कि रात में भी मौसम गर्म रहता है और दिन में गर्म मौसम के साथ साथ भीषण गर्मी की लहर जैसी स्थिति देखी जा सकती है। मौसम विभाग से मिली जानकारी जानकारी के मुताबिक, मौसम विभाग ने मई और जून के महीनों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और लू वाले दिनों की संख्या बढऩे की आशंका जताते हुए एक चेतावनी जारी की है, जिसके चलते इस मौसम में लू से बचने के लिए एहतियाती उपाय करना बेहद जरूरी है।
गर्मी से बचने के लिए ये किए जाएं उपाय: डा. बंसल
शहर के प्रतिष्ठित डाक्टर विरेंद्र बंसल से सम्पर्क कर जब भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए कुछ जरूरी टिप्स पूछी गई, तो उन्होंने बताया कि शरीर को हाइड्रेटेड रखें, दिन में 8-10 गिलास पानी, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और सत्तू का सेवन करें। सुबह 10 से शाम 4 बजे के बीच बाहर न निकलें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर ढककर रखें। डिहाइड्रेशन से बचने के लिए शराब, कैफीन और ज्यादा मीठे पेय पदार्थों से बचें। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि प्यास न लगने पर भी पानी पिएं। उन्होंने कहा कि अगर चक्कर आएं, सिरदर्द हो, उल्टी लगे या बहुत तेज बुखार हो, तो यह लू के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर जाएं और किसी अच्छे चिकित्सक से सम्पर्क करें।




