राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए 7 बेंचों का गठन कर न्यायिक अधिकारियों की ड्यूटी की गई निर्धारित : सीजेएम हरीश गोयल
जिला में शनिवार, 9 मई को होगा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला न्यायालय पलवल द्वारा शनिवार 9 मई को आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए 7 बेंचों का गठन किया गया है।
पलवल: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला न्यायालय पलवल द्वारा शनिवार 9 मई को आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए 7 बेंचों का गठन किया गया है। सीजेएम एवं सचिव जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल हरीश गोयल द्वारा जारी आदेश में उक्त बेचों पर विभिन्न न्यायिक अधिकारियों एवं अधिवक्ताओं की ड्यूटी निर्धारित की गई है, जो राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर अलग-अलग प्रकार के मामलों की सुनवाई करेंगे।

सीजेएम ने बताया कि पहली बेंच पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पलवल पल्लवी मित्तल को सभी पारिवारिक मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ अधिवक्ता सदस्य के रूप में फुलवास (पैनल एडवोकेट) नियुक्त की गई हैं। दूसरी बेंच पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रतीक जैन को सिविल कोर्ट एवं सत्र न्यायालय के मामलों (पारिवारिक मामलों को छोडक़र) की सुनवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके साथ चंद्र प्रकाश (पैनल एडवोकेट) को सदस्य बनाया गया है। तीसरी बेंच पर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं एसीजेएम अंजली को सिविल कोर्ट तथा सीजेएम कोर्ट, पलवल से संबंधित मामलों की जिम्मेदारी दी गई है। इनके साथ किरण बाला (पैनल एडवोकेट) को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। चौथी बेंच पर एसी (सीनियर डिवीजन) सीमा को सेल्फ कोर्ट से संबंधित मामलों की सुनवाई सौंपी गई है। इनके साथ संजय सिंह वर्मा (पैनल एडवोकेट) सदस्य के रूप में नियुक्त हैं। पांचवीं बेंच पर जेएमआईसी साक्षी सैनी को सेल्फ कोर्ट से संबंधित अन्य संबंधित मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है। इनके साथ रिचा (पैनल एडवोकेट) को सदस्य बनाया गया है। छठी बेंच पर एसीजे (एसडी) हथीन विनय काकरान को उपमंडल हथीन से संबंधित सभी मामलों की सुनवाई सौंपी गई है। इनके साथ टेकचंद (पैनल एडवोकेट) नियुक्त किए गए हैं। सातवीं बेंच पर एसीजे (एसडी) होडल विवेक कुमार को उपमंडल होडल से संबंधित मामलों की जिम्मेदारी दी गई है। इनके साथ रंधावा बैंसला (पैनल एडवोकेट) को सदस्य बनाया गया है।
सीजेएम हरीश गोयल ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आपसी समझौते के माध्यम से लंबित मामलों का त्वरित और सुलभ निपटारा करना है। जिला न्यायालय प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने मामलों का समाधान करवाएं। उन्होंने सभी न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत के दिन अपनी-अपनी बेंचों पर उपस्थित रहकर अधिक से अधिक मामलों का निपटारा सुनिश्चित करें।

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