गरिमा और उत्साह के साथ मनाई गई रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती
स्मृति रंगमंच टोली, सनमक द्वारा विद्यालय में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती गरिमा और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर टोली के अध्यक्ष द्वारा शहर के अलग अलग स्कूल में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, आर्ट एवं क्राफ्ट कार्यशाला आयोजित की गई।
गरिमा और उत्साह के साथ मनाई गई रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती
फरीदाबाद: स्मृति रंगमंच टोली, सनमक द्वारा विद्यालय में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती गरिमा और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर टोली के अध्यक्ष द्वारा शहर के अलग अलग स्कूल में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, आर्ट एवं क्राफ्ट कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कथक नृत्यांगना खुशबू शर्मा ने गीतांजलि से ली गई टैगोर की पोएट्री “जहां मन भयमुक्त हो" पर प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी। साथ अरविंद ने ही बच्चो से कहा कि गुरुदेव एक ऐसी शिक्षा प्रदान करना चाहते थे जो समग्र और प्राकृतिक हो, और बच्चों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित हो। उनका दृष्टिकोण स्वतंत्रता और रचनात्मकता पर बल देती शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो बच्चों को खुलकर अपनी अभिव्यक्ति करने और अपनी रचनात्मकता विकसित करने का अवसर दे। इस पंक्ति में गुरुदेव की रचना कागज की कस्ती काव्य पाठ की प्रस्तुति में दीपमाला चौहान ने कहा कि बच्चों को रवींद्रनाथ टैगोर (गुरुदेव) के बारे में जानना चाहिए क्योंकि वे न केवल हमारे राष्ट्रगान के रचयिता और पहले एशियाई नोबेल पुरस्कार विजेता हैं।बल्कि उनकी रचनाएँ रचनात्मकता, प्रकृति से प्रेम, और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देती हैं। वे बच्चों को प्रकृति के बीच, निडर होकर और कल्पनाशीलता के साथ सीखने के लिए प्रेरित करते हैं। इस मौके रंगमंच टोली ने विद्यालय के उत्कृष्ट तीन छात्र छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किया। जिसमें जूली,सरिता,इमरान मुख्य रूप से रहें। प्रधानाचार्य प्रभा ठाकुर,टोली के अध्यक्ष रंगकर्मी अरविंद गुप्ता, सनमक संस्था की पदाधिकारी नृत्यांगना दीपशिखा भुवन, अकादमिक कॉर्डिनेटर अनीता उनियाल, श्वेता मलिक,कामिनी, राबिया,कल्पना, निशा, प्रवीण प्रताप ने गुरुदेव को पुष्पांजलि अर्पित की।

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